दुर्ग।
छत्तीसगढ़ में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों, विशेषकर बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों की पहचान कर उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई के उद्देश्य से दुर्ग पुलिस ने बुधवार को एक विशेष अभियान चलाया। इस अभियान के तहत जिले के विभिन्न इलाकों में दबिश दी गई और कुल 474 लोगों की जांच की गई। इनमें से 103 संदिग्ध व्यक्तियों के फिंगरप्रिंट लिए गए।
सुबह एक विशेष टीम गठित कर फैक्ट्रियों, लकड़ी के गोदामों और घनी आबादी वाले रिहायशी इलाकों में रहने वाले किरायेदारों की जांच की गई।
छावनी क्षेत्र के ट्रांसपोर्ट नगर, हथखोज और पुरैना इलाकों में कार्रवाई की गई, जहां करीब 65 लोगों की जांच में 15 संदिग्धों के फिंगरप्रिंट लिए गए।
कांट्रेक्टर कॉलोनी, पुरानी बस्ती, पांच रास्ता और अन्य रिहायशी क्षेत्रों में मकानों की जांच के दौरान कुल 201 लोगों की पहचान की गई। इनमें अधिकांश किरायेदार आस-पास के जिलों से थे और किसी पर कोई संदेह नहीं हुआ। इस दौरान मकान मालिकों को सख्त निर्देश दिए गए कि वे अपने किरायेदारों की पूरी जानकारी और पहचान पत्र स्थानीय थाने में अनिवार्य रूप से जमा करें।
पाटन क्षेत्र के थाना उतई के अंतर्गत ग्राम डुमरडीह और महकाकला में स्थित विजय पांडे की आरा मशीन, प्लाईवुड फैक्ट्री और जिंदल प्लाईवुड फैक्ट्री सहित अन्य आरा मिलों में कुल 208 लोगों की जांच की गई, जिनमें से 88 संदिग्धों के फिंगरप्रिंट लिए गए।

