जगदलपुर: भारत में पांच हजार से अधिक सुरक्षा बलों और आम नागरिकों की हत्या के लिए जिम्मेदार भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के शीर्ष नेता बसव राजू के मारे जाने पर तुर्की के एक वामपंथी उग्रवादी संगठन ने विरोध जताते हुए भारत सरकार की आलोचना की है। संगठन ने एक वीडियो जारी किया है, जिसमें हथियारबंद, नकाबपोश सदस्य एक बयान पढ़ते हुए बसव राजू को “महान नायक” बताया और पिपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (PLGA) के मारे गए 27 माओवादियों के प्रति शोक व्यक्त किया।
करीब साढ़े चार मिनट के इस वीडियो में भाजपा पर फासीवाद और पूंजीवाद को बढ़ावा देने के आरोप भी लगाए गए हैं। फिलीपींस में भी वामपंथी समर्थकों ने बसव राजू को श्रद्धांजलि दी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि माओवादियों के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संपर्क और समर्थन हैं। यह वीडियो दर्शाता है कि कैसे वैश्विक समर्थन के माध्यम से माओवादी भारत में हिंसा फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। गौरतलब है कि हाल ही में भारत-पाक युद्ध में भी तुर्की ने पाकिस्तान का समर्थन किया था।
आईजीपी की प्रतिक्रिया:
बस्तर के आईजीपी सुंदरराज पी. ने वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि माओवादियों और उनके समर्थकों द्वारा निर्दोष नागरिकों और सुरक्षाबलों की हत्या करने वाले बसव राजू जैसे खूंखार अपराधी की क्रूरता को छिपाकर उसे महिमामंडित करने का प्रयास कभी सफल नहीं होगा। उन्होंने कहा कि यह वीडियो माओवादियों के अंतरराष्ट्रीय संपर्कों को उजागर करता है और यह आदिवासी विरोधी, अमानवीय और विकास विरोधी माओवादी विचारधारा के असली चेहरे को सामने लाता है।
सरकार मार्च 2026 तक माओवादी मुक्त भारत के लक्ष्य को लेकर प्रतिबद्ध है। आईजीपी ने स्पष्ट किया कि जो माओवादी आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में नहीं लौटेंगे, उनका अंत भी बसव राजू जैसा ही होगा।

