सुकमा: बस्तर अपनी समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को संजोते हुए तेजी से विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। अब बस्तर के हर कोने में विकास होगा और विकास की राह में आने वाली हर बाधा को दूर किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शुक्रवार को सुशासन तिहार के अंतर्गत सुकमा जिले के तोंगपाल में आयोजित समाधान शिविर को संबोधित करते हुए सुकमा में 500 करोड़ रुपये से अधिक लागत के विकास कार्यों की घोषणा की और 16 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण कर क्षेत्रवासियों को बड़ी सौगात दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार के अंतिम चरण में लोगों से मिलकर उन्हें बहुत खुशी हो रही है। उन्होंने कहा कि यहां का वातावरण बहुत सुहावना है और महुआ के पेड़ों की छांव से ठंडक महसूस हो रही है। उन्होंने पारंपरिक स्वागत के लिए सभी का धन्यवाद किया। बस्तर से जो बदलाव की आवाज़ उठ रही है, उसने माओवादियों के हौसले तोड़ दिए हैं। माओवाद अब बस्तर में अपनी अंतिम सांसे गिन रहा है। नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में अब स्कूलों की घंटियां बज रही हैं और बच्चे निर्भय होकर शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
सीएम साय ने बताया कि यह अभियान प्रदेशभर में योजनाओं की सही स्थिति का आंकलन करने के लिए है। वे स्वयं आकर देख रहे हैं कि प्रधानमंत्री आवास योजना और महतारी वंदन योजना जैसी योजनाएं गांव-गांव तक सही तरीके से पहुंच रही हैं या नहीं। सुशासन तिहार के दौरान वे मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता की भी जांच कर रहे हैं।
प्रमुख घोषणाएं:
- कावराकोपा में पुलिया निर्माण के लिए 35 लाख रुपये
- जैमर में पुलिया निर्माण के लिए 35 लाख रुपये
- हमीरगढ़ में सामाजिक भवन निर्माण के लिए 30 लाख रुपये
- टहकवाडा में पुल- पुलिया के लिए 35 लाख रुपये
- तोंगपाल में समूह के लिए प्रशिक्षण केंद्र निर्माण के लिए 25 लाख रुपये
- मारेंगा में सीसी सड़क निर्माण के लिए 16 लाख रुपये
- एलेननार में पंचायत भवन के लिए 25 लाख रुपये और पुलिया के लिए 3.5 लाख रुपये
- धोबनपाल देवगुड़ी में बाउंड्री वाल के लिए 10 लाख रुपये
- सीतापाल के स्कूल में बाउंड्री वाल के लिए 8 लाख रुपये
- वारदेरास में पुलिया निर्माण के लिए 16 लाख रुपये
- झीरम व्यपवर्तन योजना के लिए 32 करोड़ 50 लाख रुपये
- सुकमा-दंतेवाड़ा मार्ग के लिए 230 करोड़ रुपये
मुख्यमंत्री ने बताया कि सुशासन तिहार के तीनों चरण सफल रहे हैं। प्रशासन ने कड़ी मेहनत से लोगों की समस्याओं का समाधान किया है। उन्होंने कहा कि इस सरकार की नीति और नियत साफ-सुथरी है, इसलिए जनता के बीच जाकर ईमानदारी से काम का रिपोर्ट कार्ड पेश कर रहे हैं। महतारी वंदन योजना से महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हुई हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पूरे प्रदेश में पक्के मकान बनाकर लोगों के गरिमापूर्ण जीवन को सुनिश्चित किया गया है। पहले ही कैबिनेट में 18 लाख आवासों को मंजूरी दी जा चुकी है और यह कार्य लगातार जारी है।
योजनाओं की हकीकत:
मुख्यमंत्री ने तोंगपाल के ग्रामीणों से बातचीत कर योजनाओं पर फीडबैक लिया। त्रिवेणी रावटे ने बताया कि उन्हें महतारी वंदन योजना की राशि नियमित मिल रही है, जो बच्चों के पालन-पोषण में मदद करती है। वेदमती कश्यप ने बताया कि उनकी समूह की महिलाएं गणवेश सिलाई का काम करती हैं, जिससे उन्हें सालाना डेढ़ लाख रुपये से अधिक की आमदनी हो रही है।
बेहतर आवागमन के लिए बड़ी पहल:
बस्तर के संवेदनशील क्षेत्र किस्टाराम-कोंटा मार्ग पर अब ‘‘प्रतिज्ञा हक्कुम मेल’’ बस सेवा शुरू होगी। इस सेवा के तहत ग्रामीणों को बेहतर आवागमन सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने तोंगपाल के समाधान शिविर में मरईगुड़ा की प्रतिज्ञा महिला क्लस्टर संगठन को हुक्कुम मेल बस की चाबी सौंपकर इस सेवा का शुभारंभ किया। इससे बस्तर के ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा मिलेगी और उनका जीवन और आसान होगा।

