Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • लॉन्च से पहले छाया Xiaomi 17
    • देश की ऊर्जा सुरक्षा होगी मजबूत, भारत सरकार समुद्री गैस पाइपलाइन पर कर रहा विचार
    • महिला को जबरदस्ती बस में बैठाया, चलती बस में घंटो तक किया बलात्कार, आरोपी सड़क पर फेंककर फरार…
    • उत्तर प्रदेश में,तूफान से अब तक 101 लोगों की मौत,50 से अधिक घायल सीएम ने पीड़ित परिवारों को 24 घंटे के भीतर मुआवजा देने और राहत कार्य तेजी से पूरा करने के दिए निर्देश…
    • देर रात पेट्रोल पंपों में लगी लंबी कतारें रायपुर में पेट्रोल की किल्लत, कई इलाकों में बंद हुए पंप…
    • बंगाल में बकरीद से पहले सरकार ने जारी किया सख्त आदेश, अब बिना परमिट नहीं होगा पशु वध
    • घने जंगलों और नदी-नालों को पार कर स्वास्थ्य दूतों ने बचाई दो मासूमों की जान
    • 10 साल से खाँसी में खून की समस्या झेल रहे युवक को अम्बेडकर अस्पताल में मिली नई जिंदगी
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Friday, May 15
    • खानपान-सेहत
    • फीचर
    • राशिफल
    • लेख-आलेख
    • व्यापार
    • बिलासपुर
    • रायपुर
    • भिलाई
    • राजनाँदगाँव
    • कोरबा
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Home»धर्म आस्था»22 और 23 अगस्त दोनों दिन रहेगी भाद्रपद अमावस्या, जानें पुण्यफल पाने के लिए किस दिन क्या करें?
    धर्म आस्था

    22 और 23 अगस्त दोनों दिन रहेगी भाद्रपद अमावस्या, जानें पुण्यफल पाने के लिए किस दिन क्या करें?

    chhattisgarhrajya.inBy chhattisgarhrajya.inAugust 21, 2025
    Facebook Twitter WhatsApp Email Telegram
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

     सनातन परंपरा में प्रत्येक मास के कृष्णपक्ष की पंद्रहवीं तिथि अमावस्या का बहुत ज्यादा महत्व माना गया है. इसका धार्मिक महत्व तब और ज्यादा बढ़ जाता है, जब यह भाद्रपद मास में पड़ती है और पिठोरी अमावस्या कहलाती है. इस साल इस अमावस्या को लेकर लोगों के मन में कन्फ्यूजन बना हुआ है कि आखिर वे इस किस दिन इससे जुड़े हुए पूजा-तर्पण आदि के कार्य करें. यदि आपके साथ भी कुछ ऐसा ही भ्रम बना है तो आइए इससे जुड़ी सारी बातों को विस्तार से जानते और समझते हैं. 

    भाद्रपद अमावस्या के लिए क्या कहता है धर्मशास्त्र

    श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के पौरोहित विभाग के प्रोफेसर रामराज उपाध्याय के अनुसार इस साल पितरों के लिए तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध आदि के लिए भाद्रपद अमावस्या 22 अगस्त 2025 को रहेगी. पंचांग के अनुसर पितरों की पूजा के लिए जिस मध्यान्ह काल को उचित माना जाता है, वह सिर्फ सिर्फ इसी दिन मिल पाएगा. गौरतलब है कि भाद्रपद अमावस्या 22 अगस्त 2025 की सुबह 11 बजकर 55 मिनट से शुरु होकर अगले दिन यानि 23 अगस्त 2025 को सुबह 11 बजकर 35 मिनट पर खत्म हो जा रही है.

    कब करें भाद्रपद अमावस्या का स्नान और दान?

    प्रोफेसर रामराज उपाध्याय के अनुसार स्नान-दान की अमावस्या सूर्योदयकालीन होनी चाहिए. ऐसे में स्नान और दान आदि कार्यों के लिए 23 अगस्त 2025 को भाद्रपद अमावस्या मानना उचित रहेगा. इस तरह देखें तो मध्यान्ह काल की अमावस्या 22 को मिल रही है 23 अगस्त 2025 को नहीं और स्नान-दान की अमावस्या 23 को मिल रही है लेकिन 22 अगस्त 2025 को नहीं है. ऐसी स्थिति में प्रत्येक व्यक्ति को अपने तात्कालिक कर्म के आधार पर भाद्रपद अमावस्या के दोनों दिन पूजा-तर्पण-दान आदि के आधार पर चयन कर सकता है. 

    Latest and Breaking News on NDTV

    भाद्रपद आमवस्या पर कैसे करें पितरों की पूजा 

    भाद्रपद मास की आमवस्या पर जिसे पिठोरी अमावस्या भी कहा जाता है, उस दिन व्यक्ति को अपने पितरों के लिए विशेष रूप से श्राद्ध तर्पण और पिंडदान आदि करना चाहिए. यदि कुछ भी न कर सकें इस दिन तो कम से कम तिल और जल के जरिए पितरों का तर्पण अवश्य करें. प्रोफेसर रामराज उपाध्याय के अनुसार इस दिन व्यक्ति को देव तर्पण, ऋषि तर्पण, दिव्य मनुष तर्पण और पितृ तर्पण करना चाहिए. 

    यदि कोई व्यक्ति केवल अपने पितरों के लिए तर्पण कर रहा है तो अपने पिता, पितामह और प्रपितामह के लिए तर्पण होता है. इसी प्रकार माता, दादी पितामही, और परदादी प्रपितामही के लिए तर्पण किया जाता है. इसी प्रकार ननिहाल पक्ष के लिए भी छह तर्पण (Tarpan) करता है. 

    Latest and Breaking News on NDTV

    भाद्रपद अमावस्या के उपाय

    • पितरों का आशीर्वाद पाने के लिए व्यक्ति को 22 अगस्त 2025 को मध्यान्ह काल में उनके लिए तर्पण, श्राद्ध आदि करना चाहिए. साथ ही साथ उनके निमित्त अन्न, जल, धन , वस्त्र आदि का दान करना चाहिए. यदि संभव हो तो व्यक्ति को इस दिन किसी मंदिर के पुजारी को बुलाकर आदर के साथ भोजन कराना चाहिए. 
    • यदि आप स्नान-दान के जरिए भाद्रपद अमावस्या का पुण्यफल पाना चाहते हैं तो 23 अगस्त 2025 को प्रात:काल गंगा या फिर किसी अन्य पवित्र नदी या सरोवर पर जाकर स्नान, पूजन और धर्मार्थ दान करें. 

    (Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है.)

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email
    chhattisgarhrajya.in
    chhattisgarhrajya.in
    • Website

    Related Posts

    अधिक मास 17 मई से शुरू, इन कामों से करें परहेज

    May 13, 2026

    निर्जला एकादशी कब है? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

    May 12, 2026

    सूर्य-राहु-केतु का खतरनाक संयोग, 15 मई से इन 6 राशियों पर आ सकता है संकट

    May 11, 2026

    Address - Gayatri Nagar, Near Ashirwad Hospital, Danganiya, Raipur C.G.

    Chandra Bhushan Verma
    Owner & Editor
    Mobile - 9826237000 Email - chhattisgarhrajya.in@gmail.com
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    • Terms and Conditions
    • Disclaimer
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.