केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की एडवाइजरी के बाद छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने सोमवार को दो वर्ष से कम आयु के बच्चों को खांसी या सर्दी-जुकाम की कोई भी दवा या सीरप देने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। यह कदम शिशुओं को संभावित दुष्प्रभावों से बचाने को उठाया है।
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में कफ सीरप पीने से कई बच्चों की किडनी फेल हाने की घटनाओं में अब तक 16 बच्चों की मौत हो चुकी है। जांच में सीरप में जहरीला रासायतिक तत्व पाया गया, जिसके बाद मध्य प्रदेश सरकार ने इसकी बिक्री पर रोक लगा दी। इसी तरह बैतूल और राजस्थान में भी बच्चों की मौत के मामले सामने आए है। इन घटनाओं के बाद केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को एडवाइजरी जारी की है। छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएमएचओ) और विविल सर्जनों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं कि कोई भी दवा केवल चिकित्सकीय परामर्श पर ही दी जाए। आयुक्तालय स्वास्थ्य सेवाएं ने उच्च स्तरीय वीडियो कान्फ्रेंस के माध्यम से जिलास्तरीय अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि केंद्र की गाइडलाइन का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाए, अन्यथा लापरवाही पर कार्रवाई की जाएगी।
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