तिरुवनंतपुरम में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत का चेहरा बनीं आर. श्रीलेखा, मगर मेयर नहीं, कौन हैं

तिरुवनंतपुरम : बीजेपी ने लंबे संघर्ष के बाद हाल में हुए तिरुवनंतपुरम नगर निगम चुनाव में जीत हासिल तो कर ली, मगर मेयर चुने जाने के बाद पार्टी के अंदर असंतोष सामने आ गया। बीजेपी की वरिष्ठ नेता आर. श्रीलेखा ने मेयर नहीं चुने जाने पर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि पार्टी की ओर से उन्हें मेयर बनाने का आश्वासन दिया गया था। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें फैसले से शिकायत नहीं है और वह पार्षद के तौर पर अपना काम जारी रखेंगी।
वीवी राजेश बने तिरुवनंतपुरम के मेयर
40 साल के संघर्ष के बाद बीजेपी ने पहली बार तिरुवनंतपुरम नगर निगम में जीत हासिल की। इसके बाद वीवी राजेश को मेयर चुना गया। आर. श्रीलेखा ने कहा कि उन्होंने तिरुवनंतपुरम नगर निगम के मेयर पद के लिए विचार करने का आश्वासन मिलने के बाद ही उन्होंने स्थानीय निकाय चुनाव लड़ने का फैसला किया था। उन्होंने कहा कि पार्टी ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि उन्हें सिर्फ एक पार्षद के तौर पर नहीं, बल्कि पार्टी के चेहरे के रूप में पेश किया जाएगा। साथ ही मेयर के तौर पर भी विचार किया जाएगा। इसी आश्वासन के कारण उन्होंने चुनाव लड़ने के लिए हामी भरी।
पार्टी के फैसले से नाराज नहीं हैं श्रीलेखा
बीजेपी की प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीलेखा ने बताया कि शुरुआत में वह चुनाव लड़ने में झिझक रही थीं। उन्होंने कहा कि वह पार्टी में नई हैं और उन्हें लगा कि चुनाव लड़ना जल्दबाजी होगी, इसलिए उन्होंने मना कर दिया था। पार्टी ने उन्हें तीन बार संपर्क किया था। श्रीलेखा ने स्पष्ट किया कि वह किसी भी तरह की शिकायत से यह बातें नहीं कह रही हैं। वह अपने पार्षद पद से इस्तीफा नहीं देंगी क्योंकि उन्हें उन लोगों की सेवा करनी है। उन्होंने कहा कि उन्होंने मेयर पद पर पार्टी के फैसले को खुशी से स्वीकार किया है।
33 साल तक पुलिस सर्विस में रहीं
बता दें आर. श्रीलेखा राजनीति में आने से पहले पुलिस सर्विस में करीब 33 साल तक रहीं। वह केरल की पहली महिला आईपीएस रहीं। उनकी छवि तेजतर्रार आईपीएस अफसरों में शुमार रहा। विद्याधिराज कॉलेज में अध्यापन के बाद उन्होंने रिजर्व बैंक में काम किया। फिर सिविल सेवा के जरिये 1988 में कोट्टायम में एएसपी बनीं और 1991 में त्रिशूर की पहली महिला एसपी बनीं। वह केरल की डीजीपी भी रहीं। 2020 में रिटायरमेंट लेने के बाद वह बीजेपी में शामिल हुईं। अभी वह बीजेपी की प्रदेश उपाध्यक्ष हैं। तिरुवनंतपुरम में हुए नगर निगम चुनाव में उन्होंने तिरुवनंतपुरम के सस्थामंगलम डिवीजन से जीत हासिल की थी। जीत के बाद वह मेयर पद के दावेदारों में आगे थीं।



