Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • ‘मैं अब पूरी तरह थक चुका हूं’, पत्नी की प्रताड़ना से परेशान इंजीनियर ने फांसी लगाकर दी जान
    • थोक में महंगाई की मार
    • ट्रंप का बड़ा दावा, अमेरिका और नाइजीरिया की संयुक्त सैन्य कार्रवाई में ISIS आतंकी अबू-बिलाल अल-मिनुकी की मौत
    • LSG ने CSK को 7 विकेट से हराया, 188 रन का लक्ष्य आसानी से किया हासिल
    • पाकिस्तान में रिलीज़ होते ही धुरंधर-2 नंबर 1 पर कर रहा ट्रेंड, OTT प्लेटफॉर्म हुआ क्रैश
    • “कुछ युवा कॉकरोच की तरह होते हैं”, सुप्रीम कोर्ट ने एक सुनवाई के दौरान की सख्त टिप्पणी
    • काम पर जा रहे मजदूरों को डंपर ने मारी टक्कर, 4 महिलाओं की हुई मौत
    • आम लोगों को मिली राहत, भारत-नेपाल सीमा से कस्टम ड्यूटी नियम पर  नेपाल सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Saturday, May 16
    • खानपान-सेहत
    • फीचर
    • राशिफल
    • लेख-आलेख
    • व्यापार
    • बिलासपुर
    • रायपुर
    • भिलाई
    • राजनाँदगाँव
    • कोरबा
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Home»लेख-आलेख»आर्टिकल -नवाचार, समावेशन और भारत की प्रगति को गति देते हैं स्टार्टअप -श्री पीयूष गोयल
    लेख-आलेख

    आर्टिकल -नवाचार, समावेशन और भारत की प्रगति को गति देते हैं स्टार्टअप -श्री पीयूष गोयल

    chhattisgarhrajya.inBy chhattisgarhrajya.inJanuary 15, 2026
    Facebook Twitter WhatsApp Email Telegram
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    स्टार्टअप इंडिया पहल पूरे देश में एक समग्र और नई सोच वाले इकोसिस्टम के रूप में विकसित हुई है। यह युवाओं की उद्यमशील ऊर्जा को रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को तेज करने की दिशा में लगाकर, माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के मिशन को साकार करने का मार्ग तैयार कर रही है।

    भारत में आज दुनिया के सबसे बड़े स्टार्टअप इकोसिस्टम में से एक मौजूद है। आज उद्यमिता एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन बन चुकी है, जो भारत के आर्थिक परिदृश्य को नया आकार दे रही है और विकास व रोजगार सृजन का नया इंजन बन रही है।

    यह परिवर्तन रातोंरात नहीं हुआ। जब प्रधानमंत्री ने 2015 में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से स्टार्टअप इंडिया की घोषणा की, तब उन्होंने एक स्पष्ट और महत्वाकांक्षी दृष्टि रखी कि उद्यमिता देश के हर जिले और हर ब्लॉक तक पहुंचे।

    16 जनवरी 2016 को उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) की ओर से शुरू किए जाने के बाद से स्टार्टअप इंडिया ने लंबा सफर तय किया है। स्टार्टअप देश की अर्थव्यवस्था के कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नई ऊर्जा भर रहे हैं। आईटी सेवाएं, स्वास्थ्य और जीवन विज्ञान, शिक्षा, कृषि और निर्माण जैसे क्षेत्रों में सबसे अधिक स्टार्टअप सक्रिय हैं। इसके अलावा, जलवायु तकनीक और अवसंरचना सहित 50 से अधिक अन्य उद्योगों में भी नए उद्यम सामने आए हैं। यह व्यापकता विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार और मजबूती को दर्शाती है, खासकर उन क्षेत्रों में जो राष्ट्रीय विकास की प्राथमिकताओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

    नवाचार और एआई: पिछले एक दशक में एक बड़ा बदलाव नवाचार और गहन तकनीक पर बढ़ते ध्यान के रूप में देखा गया है। वैश्विक नवाचार सूचकांक में भारत की रैंक 2015 में 81वें स्थान से बढ़कर पिछले वर्ष 38वें स्थान पर पहुँच गई है, और गहन तकनीक से जुड़े स्टार्टअप्स को सरकार का समर्थन इसे आगे और बेहतर करेगा। प्रधानमंत्री की डिजिटल इंडिया पहल के आधार पर एआई स्टार्टअप्स की संख्या तेजी से बढ़ रही है।

    गहन तकनीक वाला राष्ट्र बनाने के प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण के तहत अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन की स्थापना की गई है, तथा इंडिया एआई मिशन और रिसर्च डेवलपमेंट एंड इनोवेशन योजना की शुरुआत की गई है। भारत के स्टार्टअप एयरोनॉटिक्स, एयरोस्पेस और रक्षा, रोबोटिक्स, हरित तकनीक, इंटरनेट ऑफ थिंग्स और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में भी नवाचार कर रहे हैं। बौद्धिक संपदा के निर्माण में तेज़ वृद्धि इस प्रवृत्ति को और मजबूत करती है। भारतीय स्टार्टअप्स ने 16,400 से अधिक नए पेटेंट आवेदन दाखिल किए हैं, जो मौलिक नवाचार, दीर्घकालिक मूल्य सृजन और वैश्विक प्रतिस्पर्धा पर बढ़ते फोकस को दर्शाता है।

    अखिल भारतीय विकास: उद्यमिता को देशभर में मिल रहा समर्थन भी उतना ही महत्वपूर्ण है। वर्ष 2016 में केवल चार राज्यों में स्टार्टअप नीतियां थीं, जबकि आज भारत के 30 से अधिक राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में विशेष स्टार्टअप ढांचे मौजूद हैं। अब हर राज्य और केंद्रशासित प्रदेश में डीपीआईआईटी से मान्यता प्राप्त स्टार्टअप हैं, जो संस्थागत समर्थन की मजबूती और जमीनी स्तर की भागीदारी को दर्शाता है।

    अब तक 2 लाख से अधिक स्टार्टअप्स को मान्यता दी जा चुकी है, जो नीति-आधारित पारिस्थितिकी तंत्र के एक दशक के सतत विकास को दर्शाता है। केवल 2025 में ही 49,400 से अधिक स्टार्टअप्स को मान्यता मिली, जो स्टार्टअप इंडिया की शुरुआत के बाद सबसे अधिक वार्षिक वृद्धि है।

    समावेशन इस पूरी यात्रा की एक मजबूत आधारशिला रहा है। महिला नेतृत्व वाले उद्यम एक बड़ी ताकत बनकर उभरे हैं, जहां 45 प्रतिशत से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स में कम से कम एक महिला निदेशक है। इसके अलावा, लगभग आधे स्टार्टअप गैर-मेट्रो शहरों में स्थित हैं, जो नवाचार और रोजगार के नए केंद्र के रूप में टियर-2 और टियर-3 शहरों की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।

    लोकल से ग्लोबल: जैसे-जैसे भारतीय स्टार्टअप्स का विस्तार हो रहा है, पूरी दुनिया उनके लिए बाज़ार बनती जा रही है। वैश्विक महत्वाकांक्षाओं को समर्थन देने के लिए स्टार्टअप इंडिया ने मजबूत अंतरराष्ट्रीय साझेदारियां बनाई हैं। अब 21 अंतरराष्ट्रीय ब्रिज और 2 रणनीतिक गठबंधन मौजूद हैं, जो यूके, जापान, दक्षिण कोरिया, स्वीडन और इज़राइल सहित प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में बाज़ार तक पहुंच, सहयोग और विस्तार को आसान बनाते हैं। इन पहलों से अब तक 850 से अधिक स्टार्टअप्स लाभान्वित हो चुके हैं।

    स्वीडन, स्विट्ज़रलैंड, न्यूज़ीलैंड और इज़राइल की मेरी हालिया यात्राओं में स्टार्टअप्स भारत के व्यापारिक प्रतिनिधिमंडलों का अहम हिस्सा रहे। इन प्रयासों ने वैश्विक मंच पर भारतीय नवाचार को प्रदर्शित करने का अवसर दिया, साथ ही हमारे उद्यमियों को विकसित अर्थव्यवस्थाओं की नवाचार और व्यापारिक कार्यप्रणालियों से परिचित कराया।

    सुधार और बाज़ार तक पहुंच: इस विकास को संभव बनाने में कारोबार करने में आसानी सुधारना एक मुख्य आधार रहा है। पात्र स्टार्टअप अपने पहले दस वर्षों में से किसी भी तीन लगातार वर्षों के लिए कर अवकाश का लाभ ले सकते हैं। अब तक 4,100 से अधिक स्टार्टअप्स को इसके लिए पात्रता प्रमाणपत्र मिल चुके हैं।

    60 से अधिक नियामकीय सुधारों के माध्यम से अनुपालन का बोझ कम किया गया है, पूंजी जुटाने को आसान बनाया गया है और घरेलू संस्थागत निवेश को मजबूत किया गया है। एंजेल टैक्स को समाप्त करने और वैकल्पिक निवेश कोषों (एटीएफ) के लिए दीर्घकालिक पूंजी के रास्ते खोलने से स्टार्टअप फंडिंग का पारिस्थितिकी तंत्र और सशक्त हुआ है। बाज़ार तक पहुंच को प्राथमिकता दी गई है। सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जैम) के माध्यम से 35,700 से अधिक स्टार्टअप्स को जोड़ा गया है, जिन्हें 51,200 करोड़ से अधिक मूल्य के पांच लाख से ज्यादा ऑर्डर मिले हैं। इन प्रयासों के साथ मजबूत वित्तीय सहयोग भी दिया गया है। स्टार्टअप्स के लिए फंड ऑफ फंड्स योजना के तहत वैकल्पिक निवेश कोषों के जरिए 25,500 करोड़ से अधिक का निवेश किया गया है, जिससे 1,300 से अधिक उद्यमों को लाभ मिला है। इसके अलावा, स्टार्टअप्स के लिए क्रेडिट गारंटी योजना के अंतर्गत 800 करोड़ से अधिक के बिना जमानत ऋण की गारंटी दी गई है।

    945 करोड़ के परिव्यय वाली स्टार्टअप इंडिया सीड फंड योजना के तहत स्टार्टअप्स को कॉन्सेप्ट की जाँच, प्रोटोटाइप विकास, उत्पाद परीक्षण, बाज़ार में प्रवेश और व्यवसायीकरण के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।

    सांस्कृतिक बदलाव: भारतीय स्टार्टअप्स ने देश में एक बड़ा सांस्कृतिक परिवर्तन लाया है। पहले बच्चों को मुख्य रूप से सरकारी नौकरी, इंजीनियरिंग या चिकित्सा जैसे कुछ ही क्षेत्रों में जाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता था। आज कई युवा नौकरी तलाशने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनने का सपना देख रहे हैं, और उनके परिवार भी उद्यमशील आकांक्षाओं का सम्मान करते हैं और उन्हें बढ़ावा देते हैं।

    अंततः भारत की स्टार्टअप यात्रा: हमारे युवा उद्यमियों पर विश्वास, नीति-आधारित विकास और दुनिया के लिए नवाचार करने की भारत की क्षमता की कहानी है। 2047 तक एक विकसित देश बनने के अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए, स्टार्टअप्स समृद्ध, समावेशी और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी भारत के निर्माण में केंद्रीय भूमिका निभाते रहेंगे।

    (लेखक केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री हैं)

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email
    chhattisgarhrajya.in
    chhattisgarhrajya.in
    • Website

    Related Posts

    क्या ‘इंडिया’ गठबंधन के सामने है अस्तित्व का संकट ?…

    May 13, 2026

    महिला आरक्षण में देरी, दोषी कौन?

    May 12, 2026

    भाजपा की रणनीति, टीम वर्क और सांस्कृतिक जुड़ाव जीत का मंत्र

    May 12, 2026

    Address - Gayatri Nagar, Near Ashirwad Hospital, Danganiya, Raipur C.G.

    Chandra Bhushan Verma
    Owner & Editor
    Mobile - 9826237000 Email - chhattisgarhrajya.in@gmail.com
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    • Terms and Conditions
    • Disclaimer
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.