फरार चल रहे AAP के विधायक हुए गिरफ्तार, रेप, धोखाधड़ी जैसे गंभीर आरोप

पंजाब पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पिछले छह महीनों से फरार चल रहे आम आदमी पार्टी के विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा को गिरफ्तार कर लिया है। पठानमाजरा पर बलात्कार, धोखाधड़ी और आपराधिक धमकी जैसे गंभीर आरोप हैं। यह गिरफ्तारी पिछले 48 घंटों में राज्य में गिरफ्तार होने वाले दूसरे मौजूदा विधायक की है। इससे पहले सोमवार को पूर्व परिवहन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में गिरफ्तार किया गया था।
पठानमाजरा की गिरफ्तारी का पूरा मामला
पुलिस के अनुसार, हरमीत सिंह पठानमाजरा 2 सितंबर 2025 से अंडरग्राउंड थे और बार-बार समन के बावजूद अदालत में पेश नहीं हुए। इसके कारण उन्हें अपराधी घोषित कर दिया गया था। उनके ठिकानों पर लगातार दबिश देने और तकनीकी निगरानी के बाद पुलिस ने उन्हें पकड़ने में सफलता पाई। एक पुलिस ने बताया कि पठानमाजरा की तलाश में लुकआउट नोटिस भी जारी किया गया था, जिससे उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। इसके अलावा, पुलिस की विशेष टीम ने लंबे समय तक उनके ठिकानों पर छापेमारी की और गिरफ्तार किया।
गंभीर आरोपों के तहत दर्ज मामले
हरमीत सिंह पठानमाजरा पर दर्ज FIR में आईपीसी की कई संगीन धाराएं शामिल हैं। आरोप है कि उन्होंने गंभीर अपराधों को अंजाम देने के बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए खुद को छिपा लिया था। अब पुलिस उन्हें अदालत में पेश कर रिमांड पर लेने की मांग करेगी ताकि मामले की गहराई से जांच हो सके।
पंजाब सरकार पर बढ़ी मुश्किलें
दो दिनों में दो मौजूदा विधायकों की गिरफ्तारी ने पंजाब सरकार को चुनौतीपूर्ण स्थिति में ला दिया है। विपक्ष इस मामले का राजनीतिक लाभ उठाने में जुटा है और सरकार के कानून-व्यवस्था और नेताओं के आचरण पर सवाल उठा रहा है। जहां लालजीत भुल्लर का मामला एक अधिकारी की आत्महत्या से जुड़ा है, वहीं पठानमाजरा पर लगे बलात्कार के आरोप ने स्थिति को और भी संवेदनशील बना दिया है। फिलहाल पुलिस ने आधिकारिक रूप से गिरफ्तारी की पुष्टि कर दी है और आगे की कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी है।
आगे की पूछताछ जारी
यह भी बताया गया है कि हरमीत सिंह पठानमाजरा की गिरफ्तारी के बाद उनके द्वारा किए गए कथित अपराधों की पूरी तस्वीर सामने आने की उम्मीद है। पुलिस ने उनके मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त कर लिए हैं, जिनकी फोरेंसिक जांच से कई अहम सुराग मिल सकते हैं। साथ ही, उनके संपर्क में रहे अन्य लोगों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्होंने अपराध को अंजाम देने में किस तरह की योजना बनाई थी और किन सहयोगियों की भूमिका रही। इस कदम से मामले की जांच और अधिक विस्तृत और सटीक ढंग से आगे बढ़ सकेगी।



