बस्तर, सुकमा और दंतेवाड़ा में ACB-EOW की संयुक्त छापेमारी
बस्तर, सुकमा और दंतेवाड़ा जिलों में एसीबी (ACB) और ईओडब्ल्यू (EOW) की संयुक्त टीम ने सरकारी अधिकारियों और व्यापारियों के ठिकानों पर छापेमारी की है। रविवार तड़के आदिवासी विकास बीजापुर के सहायक आयुक्त आनंद जीत सिंह के जगदलपुर स्थित निवास और दंतेवाड़ा के सरकारी बंगले पर भी कार्रवाई हुई। जांच की जद में उनके कुछ रिश्तेदार भी आए, जिनके घरों पर एजेंसियों ने छापे मारे हैं।
अधिकारियों और व्यापारियों के ठिकानों पर जांच
तीन अलग-अलग टीमों ने सुकमा जिले के डीएफओ आईएफएस अशोक कुमार पटेल के सरकारी बंगले पर दबिश दी। इसके अलावा, कोंटा में संकुल समन्वयक के पद पर तैनात शिक्षक भानु प्रताप सिंह चौहान और छिंदगढ़ निवासी शिक्षक व पूर्व डीपीएम श्याम सुंदर उर्फ बबलू चौहान के घरों पर भी छापेमारी की गई। सुबह से एसीबी और ईओडब्ल्यू की टीम दस्तावेजों की जांच में जुटी हुई है।
आय से अधिक संपत्ति के मामले में छापेमारी
सूत्रों के मुताबिक, अधिकारियों और व्यापारियों के पास आय से अधिक संपत्ति होने की जानकारी मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई। ईओडब्ल्यू और एसीबी की अलग-अलग टीमें कई ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। पुलिस की मदद से यह छापेमारी अंजाम दी जा रही है। डीएफओ अशोक कुमार पटेल को कुछ दिन पहले तेंदूपत्ता बोनस वितरण में गड़बड़ी के चलते निलंबित किया गया था, जबकि आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त आनंद जीत सिंह भी जांच एजेंसियों के रडार पर थे।
जगदलपुर, दंतेवाड़ा और कोंटा में कार्रवाई
ईओडब्ल्यू अब एसीबी के साथ मिलकर छानबीन कर रही है। पहली टीम जगदलपुर के धरमपुरा स्थित मकान पर पहुंची, जबकि दूसरी टीम ने दंतेवाड़ा के सरकारी बंगले पर छापा मारा। जगदलपुर के बैलाबाजार में आनंद जीत सिंह के करीबी के मकान को भी जांच के दायरे में लिया गया है। वहीं, कोंटा ब्लॉक में तैनात संकुल समन्वयक भानु प्रताप सिंह चौहान की संपत्ति को लेकर भी एसीबी के पास इनपुट था।
बीते कई दिनों से जांच एजेंसियां इन सभी के खिलाफ जानकारी जुटा रही थीं। बताया जा रहा है कि भानु प्रताप चौहान और उनके भाई श्याम सुंदर चौहान, जो शिक्षक और पूर्व डीपीएम रह चुके हैं, दोनों के घरों पर छापेमारी की गई है। फिलहाल, एसीबी और ईओडब्ल्यू की टीम इन सभी ठिकानों पर दस्तावेजों की जांच कर रही है।

