नारायणपुर (माओवादी मुठभेड़): अबूझमाड़ के कोहकामेटा थाना क्षेत्र अंतर्गत कसोड़-कुमुरादी के जंगलों में मंगलवार को माड़ डिवीजन के माओवादियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई मुठभेड़ के बाद सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। माओवादियों के खाली किए गए डेरे से सुरक्षा बलों ने छह लाख रुपये नकद, 11 लैपटॉप, वॉकी-टॉकी, विस्फोटक सामग्री और अन्य दैनिक उपयोग के सामान बरामद किए हैं। सुरक्षाबलों का दावा है कि इस मुठभेड़ में कई माओवादी मारे गए या घायल हुए हैं।
मुठभेड़ की पूरी कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, कोहकामेटा क्षेत्र के ग्राम कसोड़, कुमुरादी और आसपास के इलाकों में माओवादियों की मौजूदगी की सूचना मिलने पर पदमकोट कैंप से डीआरजी और आईटीबीपी की 41वीं बटालियन का संयुक्त बल सोमवार को नक्सल विरोधी अभियान पर रवाना हुआ था।
मंगलवार को जब टीम सर्चिंग गश्त पर थी, तब कसोड़-कुमुरादी के जंगल और पहाड़ी इलाके में हथियारबंद माओवादियों से आमना-सामना हो गया। दोनों ओर से करीब दो से तीन घंटे तक जबरदस्त फायरिंग हुई। सुरक्षाबलों का दबाव बढ़ता देख माओवादी मौके से नकदी और अन्य सामान छोड़कर भाग निकले।
बरामद हुआ भारी सामान
मुठभेड़ के बाद की गई गहन सर्चिंग में सुरक्षाबलों ने घटनास्थल से छह लाख रुपये नकद, 11 लैपटॉप, 50 किलो बारूद, 30 किलो शोरा, 20-20 लीटर पेट्रोल और डीजल, दो कुकर बम, एसएलआर के 130 जिंदा कारतूस, 12 बोर के 25, और .303 रायफल के 18 जिंदा कारतूस, दो बंडल कार्डेक्स वायर, 10 बंडल बिजली वायर, एक नक्सली वर्दी, विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, दवाइयां, टिफिन, माओवादी साहित्य, जूते और अन्य दैनिक उपयोग की चीजें बरामद की गईं।
माओवादियों पर तगड़ा असर
बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी. ने बताया कि इस कार्रवाई से माओवादियों को भारी आर्थिक और रणनीतिक नुकसान हुआ है। यह स्पष्ट संदेश गया है कि अब माओवादियों के लिए अबूझमाड़ भी सुरक्षित पनाहगाह नहीं रहा। उनके आश्रय स्थल लगातार सिमटते जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अब माओवादियों के पास हिंसा छोड़कर आत्मसमर्पण करने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है। उन्होंने CPI माओवादी संगठन से अपील की कि वे तुरंत हिंसात्मक गतिविधियां बंद कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ें, अन्यथा कड़े परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहें।

