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दूषित पानी से हुई 4 लोगों के मौत के बाद जागा सिस्टम, खराब पानी बना संक्रमण का अहम कारण

छांयसा, हरियाणा के पलवल के छांयसा गांव में रविवार को हेपेटाइटिस-सी के 26 और हेपेटाइटिस-बी के तीन मरीजों की पुष्टि हुई है, जिससे कुल संक्रमितों की संख्या 29 तक पहुंच गई है। हेपेटाइटिस-सी के 12 नए मामले सामने आने से गांव में दहशत का माहौल छाया हुआ है। संक्रमण के बढ़ते खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने गांव में खास स्क्रीनिंग और टीकाकरण अभियान शुरू किया है। वहीं, जन स्वास्थ्य विभाग की जांच में कई घरों के पानी में दूषण मिलने के बाद अवैध कनेक्शनों पर कार्रवाई करते हुए 24 कनेक्शन काट दिए गए और अब पानी में क्लोरीन मिलाकर भेजा जा रहा है।

मौतों से सामने आई लापरवाही

ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में बीमारी और मौतों का सिलसिला काफी समय से जारी था, जिसे प्रशासन ने नजरअंदाज किया। जब स्थिति बेकाबू हुई और मौतों का आंकड़ा बढ़ने लगा, तब स्वास्थ्य विभाग की नींद टूटी। जांच होने पर अब हेपेटाइटिस संक्रमण की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, अब तक हेपेटाइटिस-बी और सी से चार लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि तीन अन्य मौतें पीलिया से हुई हैं, जो हेपेटाइटिस का प्रमुख लक्षण है। जांच के दौरान एक युवक एचआईवी संक्रमित भी पाया गया है।

खराब पानी बना संक्रमण का अहम कारण

जन स्वास्थ्य विभाग की जांच में गांव के पानी में क्लोरीन की कमी पाई गई, जिससे संक्रमण फैलने की आशंका बढ़ गई। छह घरों के पानी के नमूनों में ई-कोलाई बैक्टीरिया मिला, जो पानी के गंभीर रूप से दूषित होने का संकेत है। अधिकारियों के अनुसार, अवैध कनेक्शन और पाइपलाइन लीकेज के कारण पानी दूषित हो रहा था। इसके बाद विभाग ने कार्रवाई करते हुए 24 अवैध कनेक्शन काट दिए और पानी में क्लोरीन मिलाकर भेजना शुरू कर दिया है।

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