Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • आत्मसमर्पित 95 नक्सलियों को 1.40 करोड़ रुपये से अधिक की प्रोत्साहन राशि
    • अबूझमाड़ के दुर्गम अंचलों तक पहुँची ‘सुशासन एक्सप्रेस’
    • मुस्कुराता बस्तर कार्यशाला में बच्चों की कला ने बिखेरे रंग
    • हाथीदांत तस्करी पर वन विभाग की बड़ी कार्रवाई,वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत तीन आरोपी गिरफ्तार, न्यायिक हिरासत में भेजे गए
    • मछली बीज उत्पादन से किसान रयतु राम ने लिखी सफलता की नई कहानी
    • जीआई टैग: वैश्विक ब्रांडों में पारंपरिक संपदा की वृद्धि
    • Jammu में 7 संदिग्ध, सुरक्षाबलों ने शुरू किया Search Operation
    • ASI ने फंदा लगाकर की आत्महत्या, महकमे में हड़कंप
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Tuesday, August 4
    • खानपान-सेहत
    • फीचर
    • राशिफल
    • लेख-आलेख
    • व्यापार
    • बिलासपुर
    • रायपुर
    • भिलाई
    • राजनाँदगाँव
    • कोरबा
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Home»धर्म आस्था»मेष संक्रांति कल, बुधादित्य राजयोग का निर्माण
    धर्म आस्था

    मेष संक्रांति कल, बुधादित्य राजयोग का निर्माण

    chhattisgarhrajya.inBy chhattisgarhrajya.inApril 13, 2026
    Facebook Twitter WhatsApp Email Telegram
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    Mesh Sankranti 2026: संक्रांति का पर्व भगवान सूर्य देव से जुड़ा अत्यंत पवित्र अवसर माना जाता है. वर्ष 2026 में 14 अप्रैल को सूर्य मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करेंगे, जिसे मेष संक्रांति कहा जाता है. काशि पंचांग के अनुसार, इसी दिन से सौर नववर्ष की शुरुआत होती है. इस अवसर पर सूर्य की विशेष पूजा-अर्चना का विधान है. मान्यता है कि विधिपूर्वक उपासना करने से आरोग्यता, ऊर्जा और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है.

    मेष संक्रांति पर राजयोगों का दुर्लभ संयोग

    रांची के जोड़ा के पंडित कमलेश पाठक ने बताया कि इस बार मेष संक्रांति का महत्व और भी बढ़ जाता है क्योंकि सूर्य के मेष राशि में प्रवेश के समय पहले से ही बुध ग्रह वहां स्थित रहेंगे. सूर्य और बुध की युति से बुधादित्य राजयोग का निर्माण होगा. इसके साथ ही चंद्रमा और अन्य शुभ ग्रहों की स्थिति से वेशि राजयोग भी बन रहा है. इन दोनों राजयोगों का एक साथ बनना अत्यंत शुभ संकेत देता है, जो जीवन में पद, प्रतिष्ठा और आर्थिक उन्नति के अवसर बढ़ा सकता है.

    बुधादित्य राजयोग से मिलने वाले लाभ

    बुधादित्य राजयोग को बुद्धि और तेज का कारक माना जाता है. इसके प्रभाव से व्यक्ति की सोचने-समझने की क्षमता मजबूत होती है और संवाद कौशल में निखार आता है. नौकरीपेशा लोगों को तरक्की, नई जिम्मेदारियां और अधिकारियों का सहयोग मिल सकता है. व्यापारियों के लिए नए अवसर और लाभ की संभावना बनती है. विद्यार्थियों के लिए यह समय पढ़ाई में सफलता और एकाग्रता बढ़ाने वाला साबित हो सकता है. साथ ही समाज में मान-सम्मान और आत्मविश्वास में भी वृद्धि होती है.

    खरमास समाप्ति के बाद शुभ कार्यों की शुरुआत

    मेष संक्रांति के साथ ही खरमास समाप्त हो जाता है. इसके बाद विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन जैसे मांगलिक कार्यों की शुरुआत करना शुभ माना जाता है. यह समय नए कार्यों की शुरुआत और जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए अनुकूल माना जाता है.

    मेष संक्रांति का महत्व

    मेष संक्रांति को कई क्षेत्रों में सतुआन या सतुआ संक्रांति के नाम से भी जाना जाता है, जो इसकी लोक परंपराओं को दर्शाता है. यह दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद पवित्र माना जाता है, जब स्नान, दान और जप-तप करने से विशेष पुण्य फल प्राप्त होता है. मान्यता है कि इस अवसर पर पवित्र नदियों में स्नान करने और जरूरतमंदों को अन्न व वस्त्र दान करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है. इसके साथ ही इस दिन पितरों के निमित्त तर्पण करना भी अत्यंत फलदायी माना गया है. ऐसा करने से पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है और उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है, जिससे परिवार में सकारात्मक ऊर्जा और कल्याण का वातावरण बनता है.

    अस्वीकरण : इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यहां दी गई ज्योतिष, वास्तु या धार्मिक जानकारी मान्यताओं और विभिन्न स्रोतों पर आधारित है। हम इसकी पूर्ण सटीकता या सफलता की गारंटी नहीं देते हैं। किसी भी उपाय, सलाह या विधि को अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के प्रमाणित विशेषज्ञ या विद्वान से परामर्श अवश्य लें।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email
    chhattisgarhrajya.in
    chhattisgarhrajya.in
    • Website

    Related Posts

    बुध का कर्क राशि में प्रवेश! 3 राशियों पर आएगा संकट

    August 4, 2026

    सावन अमावस्या पर लगेगा दुर्लभ सूर्य ग्रहण, फिर कैसे होगा स्नान, दान और तर्पण?

    August 4, 2026

    मंगला गौरी व्रत में क्या चढ़ाएं? जानें पूजा सामग्री, नियम और शुभ मंत्र

    August 3, 2026

    Address - Gayatri Nagar, Near Ashirwad Hospital, Danganiya, Raipur C.G.

    Chandra Bhushan Verma
    Owner & Editor
    Mobile - 9826237000 Email - chhattisgarhrajya.in@gmail.com
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    • Terms and Conditions
    • Disclaimer
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.