दिल्ली राउज़ एवेन्यू कोर्ट -शराब घोटाला मामले में अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और अन्य सभी,आरोपों से हुए बरी…

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली शराब घोटाले से जुड़े चर्चित CBI मामले में आम आदमी पार्टी (AAP) के शीर्ष नेताओं अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और विजय नायर को बड़ी राहत देते हुए सभी आरोपों से बरी कर दिया है. कोर्ट ने कहा कि सीबीआई आरोप साबित करने में विफल रही और मामले में न तो कोई आपराधिक षड्यंत्र दिखता है और न ही कोई विश्वसनीय सबूत दिखते हैं.
इस मामले पर स्पेशल जज जितेन्द्र सिंह ने आदेश पारित किया. कोर्ट ने कहा कि कोई ओवरऑल साज़िश या क्रिमिनल इंटेंट नहीं मिला है. अदालत ने सीबीआई को बिना किसी सबूत के उन्हें फंसाने के लिए फटकार लगाई और कहा कि विस्तृत आरोपपत्र में कई कमियां हैं जिनका समर्थन किसी गवाह या बयान से नहीं होता है.
राउज एवेन्यू कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ अब CBI दिल्ली हाई कोर्ट का रुख करेगी. वहीं अरविंद केजरीवाल इस मामले को लेकर 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे.
कितने दिन जेल में रहे केजरीवाल और सिसोदिया
अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया इस मामले में लंबे वक्त तक जेल में रहे. केजरीवाल 21 मार्च 2024 को गिरफ्तार हुए और 13 सितंबर 2024 को जमानत मिली, जबकि इससे पहले उन्हें 10 मई 2024 से 1 जून 2024 तक लोकसभा चुनाव प्रचार के लिए अंतरिम राहत भी मिली थी. इसके विपरीत, मनीष सिसोदिया की कहानी कहीं अधिक कठोर रही. वे 26 फरवरी 2023 से लगातार जेल में रहे और 9 अगस्त 2024 को जाकर उन्हें जमानत मिली. इस पूरे दौरान उन्हें केवल सप्ताह में एक बार अपनी पत्नी से मिलने की अनुमति थी, वह भी ED और CBI की निगरानी में.
आज फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि मनीष सिसोदिया के खिलाफ कोई प्राइमा फेसी केस नहीं बनता. जज ने यह भी टिप्पणी की कि अरविंद केजरीवाल को बिना किसी ठोस सामग्री के आरोपित किया गया.
CBI को अदालत की फटकार
कोर्ट ने CBI की जांच पद्धति पर सवाल उठाए और कहा कि एजेंसी उचित, तार्किक और निष्पक्ष जांच करने में असफल रही. फेयर ट्रायल तभी संभव है जब जांच भी फेयर हो, और इस मामले में जांच उस स्तर पर नहीं पाई गई.
सिसोदिया को बड़ी राहत
राउज एवेन्यू कोर्ट ने कहा कि सिसोदिया के खिलाफ भी कोई ठोस सबूत नहीं मिला. प्रॉसिक्यूशन अपना केस साबित नहीं कर पाया. अदालत ने साफ कहा कि CBI के लगाए आरोपों में दम नहीं है और कोई आपराधिक षड्यंत्र नहीं मिला.
केजरीवाल को भी क्लीन चिट
अदालत ने कहा कि केजरीवाल के खिलाफ आरोपों का कोई आधार नहीं था. उन्हें बिना किसी ठोस सामग्री के केस में शामिल किया गया था.



