Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • लॉन्च से पहले छाया Xiaomi 17
    • देश की ऊर्जा सुरक्षा होगी मजबूत, भारत सरकार समुद्री गैस पाइपलाइन पर कर रहा विचार
    • महिला को जबरदस्ती बस में बैठाया, चलती बस में घंटो तक किया बलात्कार, आरोपी सड़क पर फेंककर फरार…
    • उत्तर प्रदेश में,तूफान से अब तक 101 लोगों की मौत,50 से अधिक घायल सीएम ने पीड़ित परिवारों को 24 घंटे के भीतर मुआवजा देने और राहत कार्य तेजी से पूरा करने के दिए निर्देश…
    • देर रात पेट्रोल पंपों में लगी लंबी कतारें रायपुर में पेट्रोल की किल्लत, कई इलाकों में बंद हुए पंप…
    • बंगाल में बकरीद से पहले सरकार ने जारी किया सख्त आदेश, अब बिना परमिट नहीं होगा पशु वध
    • घने जंगलों और नदी-नालों को पार कर स्वास्थ्य दूतों ने बचाई दो मासूमों की जान
    • 10 साल से खाँसी में खून की समस्या झेल रहे युवक को अम्बेडकर अस्पताल में मिली नई जिंदगी
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Friday, May 15
    • खानपान-सेहत
    • फीचर
    • राशिफल
    • लेख-आलेख
    • व्यापार
    • बिलासपुर
    • रायपुर
    • भिलाई
    • राजनाँदगाँव
    • कोरबा
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Home»छत्तीसगढ़»बस्तर दशहरा : ‘कुटुंब जात्रा’ रस्म के साथ हुई देवी-देवताओं का ससम्मान विदाई
    छत्तीसगढ़

    बस्तर दशहरा : ‘कुटुंब जात्रा’ रस्म के साथ हुई देवी-देवताओं का ससम्मान विदाई

    chhattisgarhrajya.inBy chhattisgarhrajya.inOctober 6, 2025
    Facebook Twitter WhatsApp Email Telegram
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    अपनी अनूठी परंपराओं और रस्मों के लिए विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व की एक और महत्वपूर्ण रस्म, ‘कुटुंब जात्रा’, रविवार को स्थानीय महात्मा गांधी स्कूल परिसर के गुड़ी में संपन्न हुई। इस रस्म के तहत पूरे बस्तर संभाग एवं पड़ोसी राज्य ओडिशा व महाराष्ट्र के समीपवर्ती गांव से पर्व में शामिल हुए हजारों देवी-देवताओं के छत्र और डोली को बस्तर राजपरिवार के सदस्य श्री कमलचंद भंजदेव ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर ससम्मान विदा किया। यह रस्म 75 दिनों तक चलने वाले बस्तर दशहरा पर्व की समाप्ति की ओर इशारा करती है। 

    600 साल से अधिक पुरानी परंपरा

    बस्तर दशहरा की सबसे खास बात यह है कि केवल इसी पर्व में इतनी बड़ी संख्या में एक-एक गांव के देवी-देवताओं के छत्र और डोली शामिल होते हैं। रियासत काल से चली आ रही यह परंपरा आज भी कायम है, जिसमें राजा-महाराजाओं की तरह राजपरिवार के सदस्य और दशहरा समिति गांव-गांव से आए देवी-देवताओं और उनके पुजारियों को ससम्मान विदा करते हैं।

    ‘रूसूम’ देकर दी गई विदाई

    परंपरानुसार, दशहरा पर्व में शामिल होने आए संभाग के सभी ग्राम के देवी-देवताओं को श्रूसूमश् (दक्षिणा/भेंट) भी दी गई। राजपरिवार के सदस्य कमलचंद भंजदेव और दशहरा समिति ने देवी-देवताओं के छत्र और डोली लेकर पहुंचे पुजारियों को कपड़े, पैसे और मिठाइयां देकर उनकी ससम्मान विदाई की।

    शहर के गंगामुण्डा वार्ड में स्थित देवगुड़ी में श्रद्धालुओं ने अपनी मनोकामना अनुसार देवी देवताओं को भेंट भी अर्पित किया। बस्तर राजपरिवार और दशहरा समिति की अगुवाई में संपन्न हुई इस कुंटुब जात्रा रस्म के साथ ही, 600 साल से अधिक पुरानी बस्तर दशहरा पर्व की परंपराएं विधि विधान से पूरी की गईं। इस दौरान पूरे परिसर में उपस्थित देवी-देवता का आपस में मेल मिलाप देखते ही बन रहा था। देवी देवताओं के लाठ, डोली के साथ झुमते सिरहा और विभिन्न क्षेत्रों के आंगादेव का खेल माहौल को आकर्षक एवं अचम्म्भित किया। इस अवसर पर स्थानीय एवं आस-पास के गांव से पहुंचे श्रद्धालुओं ने भी देवी-देवताओं का अपने परंपरा के अनुसार पूजा-अर्चना कर उनका आशीर्वाद लिया।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email
    chhattisgarhrajya.in
    chhattisgarhrajya.in
    • Website

    Related Posts

    देर रात पेट्रोल पंपों में लगी लंबी कतारें रायपुर में पेट्रोल की किल्लत, कई इलाकों में बंद हुए पंप…

    May 14, 2026

    घने जंगलों और नदी-नालों को पार कर स्वास्थ्य दूतों ने बचाई दो मासूमों की जान

    May 14, 2026

    10 साल से खाँसी में खून की समस्या झेल रहे युवक को अम्बेडकर अस्पताल में मिली नई जिंदगी

    May 14, 2026

    Address - Gayatri Nagar, Near Ashirwad Hospital, Danganiya, Raipur C.G.

    Chandra Bhushan Verma
    Owner & Editor
    Mobile - 9826237000 Email - chhattisgarhrajya.in@gmail.com
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    • Terms and Conditions
    • Disclaimer
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.