युद्ध के बीच डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका, होर्मुज स्ट्रेट में मदद से मित्र देशों ने किया इनकार

अमेरिका और इज़रायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध की वजह से होर्मुज स्ट्रेट में भी तनाव बढ़ता जा रहा है। दुनियाभर का करीब 20-30% तेल होर्मुज स्ट्रेट से होकर गुज़रता है, जिस पर ईरान का कंट्रोल है। युद्ध की वजह से ईरान होर्मुज स्ट्रेट से जहाज़ों को नहीं गुज़रने दे रहा, जिससे दुनियाभर में तेल-गैस का संकट पैदा हो गया है। हालांकि अब तक भारत के 4 जहाज़ों को होर्मुज स्ट्रेट से गुज़रने का ग्रीन सिग्नल दिया जा चुका है और आगे भी ऐसा हो सकता है। होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान के रुख से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप काफी नाराज़ हैं और ईरान को इसे खोलने और सभी जहाज़ों को गुज़रने देने की धमकी दे चुके हैं, लेकिन इसका फायदा नहीं हुआ। ऐसे में ट्रंप ने कई देशों से होर्मुज स्ट्रेट खुलवाने में मदद मांगी, लेकिन अब उन्हें एक बड़ा झटका लग गया है।
होर्मुज स्ट्रेट में मदद से दो मित्र देशों ने किया इनकार
ऑस्ट्रेलिया और जापान ने होर्मुज स्ट्रेट में मदद के लिए ट्रंप के प्रस्ताव को ठुकराते हुए जहाज/युद्धपोत भेजने से इनकार कर दिया है। जापान की पीएम सनाए ताकाइची (Sanae Takaichi) ने कहा कि उनके संविधान के कारण युद्धपोत भेजना मुश्किल है और ऐसा करने की उनकी कोई योजना नहीं है। ऑस्ट्रेलिया की परिवहन मंत्री कैथरीन किंग ने भी साफ कर दिया कि होर्मुज स्ट्रेट में मदद के लिए उनका देश कोई जहाज नहीं भेजेगा क्योंकि उनका फोकस क्षेत्रीय सुरक्षा पर है।
अन्य देशों की तरफ से नहीं आई कोई प्रतिक्रिया
ट्रंप ने जिन अन्य देशों से होर्मुज स्ट्रेट में मदद मांगी थी, उनकी तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। ट्रंप ने चीन से भी मदद मांगी है, लेकिन चीन की तरफ से किसी भी तरह की मदद मिलने की कोई उम्मीद नहीं है। फ़्रांस, यूके और साउथ कोरिया की तरफ से भी मदद मिलने की कम ही उम्मीद है। गौरतलब है कि कुछ समय पहले ही ट्रंप ने कहा था कि उनकी नेवी चाहे तो होर्मुज स्ट्रेट से जहाज़ों को एस्कॉर्ट कर सकती है, जिसके जवाब में ईरान ने उन्हें ऐसा करने की चुनौती दी थी। हालांकि अमेरिकी नेवी ने ऐसा करने में अपनी असमर्थता जताई थी।



