मुंबई: मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) ने मुंबई मेट्रो नेटवर्क से बड़े व्यावसायिक और आवासीय परिसरों को सीधे जोड़ने की पहल तेज कर दी है। इस दिशा में एमएमआरडीए ने मेट्रो लाइन-4 के गोदरेज मेट्रो स्टेशन से गोदरेज कंपनी के कैंपस तक 600 मीटर लंबा एफओबी बनाने को मंजूरी दी है। यह एफओबी एलबीएस रोड पर विक्रोली में बने एलिवेटेड मेट्रो स्टेशन और कंपनी परिसर को सीधे जोड़ेगा। इससे कर्मचारी और कंपनी का विजिट करने वाले मेट्रो यात्री बिना एलबीएस रोड पर उतरे सीधे गोदरेज कैंपस तक पहुंच सकेंगे। इससे पैदल यात्रियों की सुरक्षा बढ़ेगी और सड़क पर भीड़ भी कम होगी।
क्या है प्रस्ताव?
एमएमआरडीए के अनुसार, यह ओबेरॉय मॉल के बाद किसी निजी व्यावसायिक परिसर को मेट्रो स्टेशन से सीधे जोड़ने वाला दूसरा प्रस्ताव है, जिसे एनओसी दी गई है। निजी परिसर को जोड़ने वाले ऐसे प्रोजेक्ट के लिए एकमुश्त गैर-वापसी विकास शुल्क देना होता है। एफओबी के निर्माण का पूरा खर्च संबंधित संस्था को उठाना होता है। साथ ही निर्माण लागत का 6 प्रतिशत एमएमआरडीए को निगरानी शुल्क के रूप में देना होता है। गोडरेज एंड बॉयस ने एफओबी के लिए 10 करोड़ रूपये का विकास शुल्क जमा करा दिया है। कंपनी एफओबी के निर्माण का पूरा खर्च भी उठाएगी। इस प्रोजेक्ट के संबंध में चेक कंपनी द्वारा एमएमआरडीए कमिश्नर डॉ. संजय मुखर्जी को सौंपा गया।
एमएमआरडीए मेट्रो लाइन-2बी के करीब
स्थित भारत डायमंड बोर्स समेत कई अन्य परिसरों को सीधे मेट्रो से जोड़ने के प्रस्तावों पर विचार कर रहा है। भारत डायमंड बोर्स को सीधे कनेक्टिविटी मिलने पर करीब 40 हजार दैनिक यात्रियों को लाभ होने की उम्मीद है।
आप पर असर
मेट्रो यात्रियों को गोदरेज मेट्रो स्टेशन से कंपनी कैंपस तक पहुंचने के लिए एलबीएस रोड पर उतरने या व्यस्त सड़क पार करने की जरूरत नहीं होगी। 600 मीटर लंबे एफओबी से कर्मचारी और अन्य यात्री सुरक्षित और सीधे कैंपस तक पहुंच सकेंगे। इससे पैदल यात्रियों की सुरक्षा बढ़ेगी, यात्रा का समय कम होगा और सड़क पर पैदल आवाजाही घटने से ट्रैफिक दबाव भी कम हो सकता है। बड़े कॉर्पोरेट परिसरों के सीधे मेट्रो से जुड़ने पर अधिक लोग निजी वाहनों के बजाय मेट्रो का इस्तेमाल कर सकते हैं। विक्रोली स्थिति गोदरेज परिसर में कंपनी के साथ ही कई कन्साल्टिंग कंपनी के भी ऑफिस है। जहां हजारों की संख्या में लोग काम करते है।

