मुंबई – बॉलीवुड के गलियारों से कई बार ऐसी कहानियां सुनने को मिलती हैं, जो इतनी अनोखी होती हैं कि उनकी सच्चाई पर भरोसा करना थोड़ा मुश्किल हो जाता है. इस इंडस्ट्री में कुछ कलाकारों ने अपने करियर की शुरुआत काफी अलग ढंग से की है, जो आगे चलकर उन्हें फिल्म इंडस्ट्री का एक बड़ा हिस्सा बना देती है. ऐसे ही कुछ किस्से हमें याद दिलाते हैं कि किस तरह मेहनत, संघर्ष और थोड़ा सा नसीब किसी कलाकार की जिंदगी बदल सकता है. आज हम इस स्पेशल स्टोरी में 84 साल के उस दिग्गज कलाकार के बारे में बात कर रहे हैं, जिन्होंने हीरोइन के किरदार से अपने करियर की शुरुआत की थी.
बॉलीवुड के जाने-माने अभिनेता जीतेन्द्र आज 84 वर्ष के हो गये। 07 अप्रैल 1942 को एक जौहरी परिवार में जन्में जीतेन्द्र का रूझान बचपन से हीं फिल्मों की ओर था और वह अभिनेता बनना चाहते थे। वह अक्सर घर से भाग कर फिल्म देखने चले जाते थे।जीतेन्द्र ने अपने सिने करियर की शुरूआत 1959 में प्रदर्शित फिल्म नवरंग से की जिसमें उन्हें छोटी सी भूमिका निभाने का अवसर मिला।लगभग पांच वर्ष तक जीतेन्द्र फिल्म इंडस्ट्री में अभिनेता के रूप में काम पाने के लिये संघर्षरत रहे।वर्ष 1964 में उन्हें व्ही .शांताराम की फिल्म गीत गाया पत्थरों ने..में काम करने का अवसर मिला।इस फिल्म के बाद जीतेन्द्र अपनी पहचान बनाने में कामयाब हो गये।
वर्ष 1967 में जीतेन्द्र की एक और सुपरहिट फिल्म फर्ज प्रदर्शित हुयी। रविकांत नगाइच निर्देशित इस फिल्म में जीतेन्द्र ने डांसिग स्टार की भूमिका निभाई।इस फिल्म में उन पर फिल्माया गीत मस्त बहारो का मैं आशिक श्रोताओं और दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय हुआ।इस फिल्म के बाद जीतेन्द्र को जंपिग जैक कहा जाने लगा।
फर्ज की सफलता के बाद डांसिग स्टार के रूप में जीतेन्द्र की छवि बन गयी। इस फिल्म के बाद निर्माता-निर्देशकों ने अधिकतर फिल्मों मेंउनकी डांसिंग छवि को भुनाया। निर्माताओं ने जीतेन्द्र को एक ऐसे नायक के रूप में पेश किया जो नृत्य करने में सक्षम है।इन फिल्मों में हमजोली और कारंवा जैसी सुपरहिट फिल्में शामिल है।इस बीच जीतेन्द्र ने जीने की राह,दो भाई और धरती कहे पुकार के जैसी फिल्मों में हल्के.फुल्के रोल कर अपनी बहुआयामी प्रतिभा का परिचय दिया।

