नोबल शांति पुरस्कार की घोषणा हो गई है. महात्मा गांधी के नक्शेकदम पर चलने वाली नवनेथेम नावी पिल्लई को शांति का नोबल पुरस्कार देने की घोषणा हुई है. वह दक्षिण अफ्रीकी नागरिक हैं. उनका परिवार 136 साल पहले तमिलनाडु से दक्षिण अफ्रीका गया था.
नवनेथेम नवी पिल्ले दक्षिण अफ्रीका की एक प्रमुख कानूनी एक्सपर्ट और मानवाधिकार कार्यकर्ता हैं. उनका जन्म भारतीय तमिल मूल के परिवार में 23 सितंबर 1941 दक्षिण अफ्रीका के डरबन में हुआ. उन्होंने 2008 से 2014 तक संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार हाई कमिश्नर के रूप में काम किया.
उन्होंने नटाल यूनिवर्सिटी से कानून की डिग्री ली और हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से मास्टर एवं डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की. उन्होंने दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद के दौर के दौरान राजनीतिक कार्यकर्ताओं, कैदियों और मानवाधिकारों के लिए कई महत्वपूर्ण कानूनी लड़ाइयां लड़ीं.

