Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • सीएम हेल्पलाइन की शिकायत पर विष्णुदेव साय सरकार की त्वरित कार्रवाई, अवैध रेत परिवहन पर कसा शिकंजा
    • राजमिस्त्री और रेजा-कुली के बच्चे अब पढ़ेंगे बड़े आवासीय स्कूलों में
    • कैंसर केयर को मजबूत करने के साथ स्वस्थ मानव संसाधन तैयार करना जरूरी: वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी
    • भगवान लिंगराज के दर्शन कर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने की प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना
    • सेवा की कहानी-सेवा सेतु के जरिए घर के पास ही राशन कार्ड में जुड़ा बच्चे का नाम
    • अतिक्रमण मुक्त भूमि से गढ़ी जा रही नौनिहालों की नींव
    • मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ओडिशा के मुख्यमंत्री श्री मोहन चरण माझी से की सौजन्य भेंट
    • MLC चुनाव: जनसुराज ने जारी की 5 उम्मीदवारों की सूची, 3 सीटों पर सस्पेंस बरकरार
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Tuesday, September 22
    • खानपान-सेहत
    • फीचर
    • राशिफल
    • लेख-आलेख
    • व्यापार
    • बिलासपुर
    • रायपुर
    • भिलाई
    • राजनाँदगाँव
    • कोरबा
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Home»BREKING NEWS»सूरजपुर के सुखदेवपुर में पुल टूटने से कोयला परिवहन ठप ,300 ट्रकों की आवाजाही रुकी,दर्जनों गांवों का संपर्क कटा…
    BREKING NEWS

    सूरजपुर के सुखदेवपुर में पुल टूटने से कोयला परिवहन ठप ,300 ट्रकों की आवाजाही रुकी,दर्जनों गांवों का संपर्क कटा…

    chhattisgarhrajya.inBy chhattisgarhrajya.inMay 13, 2026
    Facebook Twitter WhatsApp Email Telegram
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    Chhattisgarh: सूरजपुर जिले के खड़गवां-सोनगरा मार्ग पर स्थित सुखदेवपुर का पुराना पुल अचानक पूरी तरह ध्वस्त हो जाने से क्षेत्र में जनजीवन ठप हो गया है. पुल टूटने से जहां एक ओर दर्जनों गांवों का संपर्क कट गया है, वहीं दूसरी ओर जगन्नाथपुर कोयला खदान से भटगांव CHP तक होने वाला कोयला परिवहन भी पूरी तरह रुक गया है. इस मार्ग से रोजाना सैकड़ों ट्रकों की आवाजाही होती थी, जो अब बंद हो चुकी है. इससे SECL को भारी आर्थिक नुकसान की आशंका जताई जा रही है. लंबे समय से जर्जर इस पुल की मरम्मत को लेकर प्रशासन और संबंधित विभागों पर लापरवाही के आरोप भी लग रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों में काफी नाराजगी है.

    पुल ध्वस्त, जनजीवन पूरी तरह प्रभावित

    सुखदेवपुर के इस पुराने पुल के टूटने से खड़गवां-सोनगरा मार्ग पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया है. इस मार्ग से जुड़े दर्जनों गांवों का संपर्क मुख्य सड़क से कट गया है, जिससे ग्रामीणों को रोजमर्रा के कामकाज के लिए लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है. विद्यार्थियों, मरीजों और कामकाजी लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है.

    कोयला परिवहन पर बड़ा असर

    यह मार्ग जगन्नाथपुर कोयला खदान से भटगांव सीएचपी तक कोयला परिवहन का प्रमुख रास्ता था. प्रतिदिन करीब 300 कोयले से भरे ट्रक इसी पुल से गुजरते थे. पुल के टूटने के बाद ट्रकों के पहिए थम गए हैं, जिससे कोयला सप्लाई बाधित हो गई है. इससे SECL (साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड) को करोड़ों रुपये का नुकसान होने की संभावना जताई जा रही है.

    25 साल पुराना था पुल

    स्थानीय जानकारी के मुताबिक यह पुल प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत लगभग 25 वर्ष पहले बनाया गया था. हालांकि बाद में सड़क का चौड़ीकरण किया गया, लेकिन पुलिया को नहीं बदला गया. समय के साथ पुल जर्जर हो गया और उसकी हालत बेहद खराब होती चली गई.

    पहले भी हो चुके हैं कई हादसे

    इस पुल की जर्जर स्थिति के कारण पहले भी कई हादसे हो चुके हैं. कई वाहन पुल से नीचे गिर चुके हैं. बीते बारिश के मौसम में कोयला कर्मियों से भरी एक बस भी इसी पुल से गिर गई थी, जिसमें कुछ लोगों की मौत हो गई थी और कई घायल हो गए थे. इसके बावजूद समय रहते सुधार कार्य नहीं किया गया.

    प्रशासन और SECL पर लापरवाही के आरोप

    स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि पुल की खराब स्थिति को लेकर कई बार शिकायतें की गई थीं, लेकिन न तो जिला प्रशासन और न ही SECL प्रबंधन ने इसको गंभीरता से लिया. लोगों का कहना है कि यदि समय पर मरम्मत या नए पुल का निर्माण कर दिया जाता, तो आज यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती.

    वैकल्पिक मार्ग की चुनौती

    पुल टूटने के बाद सबसे बड़ी समस्या वैकल्पिक मार्ग की है. इस क्षेत्र में भारी वाहनों के लिए कोई सुरक्षित दूसरा रास्ता उपलब्ध नहीं है. ऐसे में कोयला परिवहन पूरी तरह से ठप हो गया है और प्रशासन के सामने जल्द समाधान ढूंढने की चुनौती खड़ी हो गई है.

    धूल से मिली राहत, लेकिन बढ़ी मुश्किलें

    हालांकि कोयला परिवहन रुकने से क्षेत्र में उड़ने वाली धूल और प्रदूषण से लोगों को कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन आवागमन ठप होने से उनकी परेशानियां कई गुना बढ़ गई हैं. गांवों में आपूर्ति और आवश्यक सेवाओं पर भी असर पड़ने लगा है.

    जल्द निर्माण की मांग तेज

    स्थानीय लोग अब पुल के जल्द पुनर्निर्माण की मांग कर रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि यह मार्ग क्षेत्र की जीवनरेखा है, इसलिए प्रशासन को प्राथमिकता के आधार पर नए पुल के निर्माण की कार्रवाई करनी चाहिए.

    प्रशासन के सामने बड़ी परीक्षण

    सुखदेवपुर पुल का ध्वस्त होना न केवल प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करता है, बल्कि यह बुनियादी ढांचे की हालत पर भी सवाल खड़े करता है. अब देखना होगा कि प्रशासन इस संकट से निपटने के लिए कितनी तेजी से कदम उठाता है और कब तक क्षेत्र की आवाजाही सामान्य हो पाती है.

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email
    chhattisgarhrajya.in
    chhattisgarhrajya.in
    • Website

    Related Posts

    सीएम हेल्पलाइन की शिकायत पर विष्णुदेव साय सरकार की त्वरित कार्रवाई, अवैध रेत परिवहन पर कसा शिकंजा

    September 20, 2026

    राजमिस्त्री और रेजा-कुली के बच्चे अब पढ़ेंगे बड़े आवासीय स्कूलों में

    September 20, 2026

    कैंसर केयर को मजबूत करने के साथ स्वस्थ मानव संसाधन तैयार करना जरूरी: वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी

    September 20, 2026

    Address - Gayatri Nagar, Near Ashirwad Hospital, Danganiya, Raipur C.G.

    Chandra Bhushan Verma
    Owner & Editor
    Mobile - 9826237000 Email - chhattisgarhrajya.in@gmail.com
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    • Terms and Conditions
    • Disclaimer
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.