कुत्तों ने चार वर्षीय बच्चे पर हमला, बालक के हाथ पर काटा और सिर की चमड़ी नोंच ली…
बीकानेर। चार साल का मासूम पहली बार स्कूल पहुंचा। बड़े भाई की उंगली थामे इस मासूम को पहले ही दिन ऐसी पीड़ा झेलनी पड़ी कि स्कूल जाने की खुशियों की जगह चीखों में बदल गईं। घटना श्रीडूंगरगढ़ के ऊपनी गांव में सरकारी विवेकानंद मॉडल स्कूल की है। स्कूल में दो कुत्तों ने चार वर्षीय रामनाथ पर हमला कर दिया। बालक के हाथ पर काटा और सिर की चमड़ी नोंच ली। एक कान पर भी कुत्तों ने काट लिया। बच्चे की चित्कार सुनकर स्कूल में मौजूद शिक्षक व अन्य दौड़े और इस बच्चे को कुत्तों के चंगुल से मुक्त कराया।
परिजन इस बच्चे को बीकानेर के पीबीएम चिकित्सालय लेकर पहुंचे। जहां सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में भर्ती किया गया है। ट्रोमा सेंटर के सीएमओ डॉ. एलके कपिल के मुताबिक बच्चे के सिर की लगभग पूरी चमड़ी कुत्तों ने नोच ली। एक कान भी काट खाया। कंधे, मुंह, गले, हाथ, पैर और पीठ पर दांत व नाखून के गहरे घाव हैं। घाव को भरने में करीब तीन सप्ताह का समय लगेगा। जबकि सिर की चमड़ी को पूरी तरह ठीक होने में एक साल से अधिक समय लग सकता है। बच्चे को विशेष देखभाल की आवश्यकता रहेगी। संक्रमण का खतरा बना रहेगा।
विवेकानंद मॉडल स्कूल शिक्षा विभाग ने आधुनिक सुविधाओं से युक्त अन्य सरकारी स्कूलों के लिए मॉडल के रूप में विकसित किए है। जबकि इस मॉडल स्कूल की हालत यह है कि स्कूल की चारदीवारी भी इतनी छोटी है कि कुत्ते दीवार फांदकर घुस जाते है। ऊपनी स्कूल की इस घटना पर ग्रामीणों ने रोष जताया है। ग्रामीणों ने स्कूल प्रशासन के खिलाफ नाराजगी व्यक्त करते हुए बच्चों की पुख्ता सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
जिला शिक्षा अधिकारी किशनदान चारण ने बताया कि विवेकानंद मॉडल स्कूल में घटना हुई है। इस स्कूल की चारदीवारी छोटी होने से कुत्ते घुस गए थे। पोषाहार के समय कुत्ते घुस जाते है। घटना को गंभीरता से लिया गया है। स्कूलों में कुत्तों को हटाने के लिए पहले भी आदेश जारी किए हुए है।
अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी शिवशंकर चौधरी को अस्पताल भेजा गया है। हालांकि इस बच्चे का नामांकन स्कूल में नहीं था, यह बड़े भाई के साथ स्कूल आ गया था। परन्तु घटना स्कूल परिसर में हुई है, ऐसे में किसी भी स्कूलों में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति नहीं हो, इसके लिए कदम उठाए जा रहे है।



