तहसीलदार मनीषा देवांगन की कार्यशैली से किसान परेशान किसान नेता संजय सिन्हा ने कलेक्टर से की लिखित शिकायत

पिथौरा: छत्तीसगढ़ में धान खरीदी शुरू होते ही पिथौरा क्षेत्र के किसानों के लिए मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। किसान नेता एवं कांग्रेस प्रदेश सचिव संजय सिन्हा ने पिथौरा तहसीलदार मनीषा देवांगन की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाते हुए कलेक्टर को पत्र सौंपा है। उन्होंने तहसीलदार पर कर्तव्यहीनता और किसानों की समस्याओं के प्रति संवेदनहीन होने का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
किसान नेता संजय सिन्हा ने बताया की कार्यालय में तहसीलदार मौजूद नहीं रहती जबकि कार्यालय के आसपास दलालों का मजमा लगा रहता है बगैर दलाल के कोई भी काम नहीं हो पाता।

समाचार के अनुसार, किसान नेता संजय सिन्हा ने मौके पर तहसीलदार की कार्यशैली पर बड़ा प्रश्नचिन्ह लगाया है । जब किसान अपनी समस्याओं को लेकर कार्यालय पहुँचे, तो तहसीलदार मनीषा देवांगन के अधीनस्थों द्वारा यह कहा गया कि ‘मैडम बैठक में व्यस्त हैं’।
जबकि दलालों के माध्यम से कार्य करना बेहद आसान होता है वही संजय सिन्हा ने बताया जांच करने पर पाया गया कि पास के जनपद कार्यालय के मीटिंग हॉल में केवल चपरासी मौजूद था और वहां कोई बैठक नहीं चल रही थी, जबकि अधिकारी की गाड़ी कार्यालय में खड़ी थी। संजय सिन्हा ने इसे किसानों से बचने और समस्या से दूरी बनाने का एक सोची-समझी रणनीति करार दिया है।
मनीषा देवांगन के कार्यकाल में किसान बेहाल
शिकायत पत्र में तहसीलदार के विरुद्ध निम्नलिखित मुख्य बिंदु उठाए गए हैकी तहसीलदार स्वयं कार्यालय में उपस्थित होने के बावजूद किसानों से नहीं मिल रही हैं और केवल ‘बैठक’ का बहाना बनाकर बातों को टाल रही हैं।
पंजीयन में अड़ंगे: 30 से 40 किलोमीटर दूर से आने वाले किसान (जैसे गोपालपुर, खैरझुड़ी, पिपरौद और बुंदेली के ग्रामीण) महीने भर से वारिसान और एग्रीस्टेक पंजीयन के लिए भटक रहे हैं, लेकिन अधिकारी की उदासीनता के कारण काम ठप है।
किसानों का अपमान: किसानों ने आरोप लगाया है कि तहसीलदार के निर्देशन में उनके वैध धान को भी ‘फर्जी’ बताकर परेशान किया जा रहा है, जो उनके परिश्रम का अपमान है।
कलेक्टर से की गई कड़ी कार्रवाई की मांग
संजय सिन्हा ने कलेक्टर को प्रेषित पत्र में तहसीलदार मनीषा देवांगन पर किसान विरोधी मानसिकता का आरोप लगाया एवं उनकी कार्यशैली में सुधार करने की मांग की है ओर किसानों का पंजीकरण तत्काल सुनिश्चित करने कहा
उल्लेखनीय है कि हाल ही में स्थानीय अधिवक्ता संघ ने तहसीलदार कार्यालय की व्यवस्थाओं पर कड़ा आक्रोश व्यक्त किया था। अधिवक्ताओं का आरोप कि कार्यालय में अनाधिकृत लोगों और दलालों का डेरा रहता है, जो सीधे तौर पर शासकीय कार्यों को प्रभावित कर रहे हैं। वकीलों ने आपत्ति दर्ज कराई थी कि आम जनता और किसानों के काम सीधे न होकर दलालों के माध्यम से हो रहे हैं, जिससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है और कार्य की शुचिता समाप्त हो रही है।
इस सन्दर्भ में तहसीलदार मनीषा देवांगन का पक्ष लेना चाहा उन्होंने फ़ोन रिसीव नहीं किया



