छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थल मैनपाट के टाइगर पाइंट पर स्थित झोपड़ीनुमा दुकानों में शुक्रवार रात भीषण आग लग गई, जिससे एक दर्जन से अधिक दुकानें जलकर राख हो गईं। आग जंगल तक फैल गई थी, लेकिन समय रहते उस पर काबू पा लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। इस घटना से दुकानदारों को भारी नुकसान हुआ है।
टाइगर पाइंट, मैनपाट का एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है, जहां सैलानियों की भीड़ उमड़ती है। उनकी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए स्थानीय लोगों ने झोपड़ीनुमा दुकानें खोली थीं, जहां खाने-पीने के सामान और होटल सेवाएं उपलब्ध कराई जाती थीं।

होली की रात करीब 12 बजे अचानक आग लग गई, जो लकड़ी से बनी दुकानों में तेजी से फैल गई और सभी दुकानें देखते ही देखते जलकर राख हो गईं। सूचना मिलने पर दुकानदार, स्थानीय लोग और कमलेश्वरपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन आग इतनी भीषण थी कि कोई इसे रोक नहीं सका। आग जंगल तक पहुंच गई थी, जिसे बाद में काबू में किया गया।
स्थानीय लोगों के अनुसार, इस आगजनी में राजाराम यादव, अनिल यादव, जमुना यादव, कैलाश यादव, बिंदा यादव, सुमेद यादव, गोस्वामी यादव, सोनू यादव और शिवकुमार यादव की दुकानें पूरी तरह जल गई हैं। आशंका जताई जा रही है कि होली के दिन असामाजिक तत्वों ने जानबूझकर आग लगाई होगी।

अब दुकानदारों को दोबारा झोपड़ियों का निर्माण करना होगा, ताकि सैलानियों को फिर से यहां भोजन और अन्य सुविधाएं मिल सकें। मैनपाट का टाइगर पाइंट अपने झरने और घने जंगलों के लिए प्रसिद्ध है, जहां कई फीट ऊंचाई से गिरता पानी और प्राकृतिक सौंदर्य सैलानियों को आकर्षित करता है।

