कोलकाता: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ कोलकाता के हेयर स्ट्रीट थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। ममता बनर्जी पर पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले कोलकाता में धरने के मंच से भाषण में सांप्रदायिक टिप्पणी करने का आरोप लगाया गया है। यह मामला हेयर स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में BNS की धाराओं 196(1), 351(2) और 352 के तहत दर्ज किया गया है। ममता बनर्जी के खिलाफ यह एफआईआर ऐसे वक्त पर हुई है जब उनके भतीजे बंगाल में चुनावों में हिंसा के साथ-साथ विधायकों के फर्जी दस्तखत करने के आरोपों को लेकर सीआईडी जांच का सामना कर रहे हैं।
कोलकाता धरने में टिप्पणी का आरोप
गौरतलब हो कि ममता बनर्जी ने विधानसभा चुनावों से ठीक पहले कोलकाता में एक बड़ा धरना दिया था। यह धरना एसआईआर के खिलाफ था। आरोप है कि ममता बनर्जी ने उस वक्त पर सांप्रदायिक टिप्पणी की थी। 2026 विधानसभा चुनावों में टीएमसी की हार के बाद ममता बनर्जी के खिलाफ दूसरी एफआईआर दर्ज होने का यह पहला मामला है। विधानसभा चुनावों से पहले ममता बनर्जी ने कोलकाता में एस्प्लेनेड के वाई-चैनल (धर्मतला) स्थित बस स्टॉप के पास धरना दिया था। उन्हें शुरुआत में रानी रश्मोनी रोड पर धरने की अनुमति नहीं मिली थी, जिसके बाद वे विरोध प्रदर्शन के लिए इस वैकल्पिक स्थल पर पहुंची थीं।
हार के बाद यह दूसरी एफआईआर
बता दें कि एडवोकेट रिंकी चट्टोपाध्याय सिंह की शिकायत पर सिलीगुड़ी साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में ममता बनर्जी के खिलाफ मई महीने में भी एक एफआईआर दर्ज की गई थी। एडवोकेट रिंकी चट्टोपाध्याय ने आरोप लगाया गया था कि टीएमसी प्रमुख ने सनातन धर्म को न सिर्फ गंदा धर्म कर धार्मिक भावनाओं को आहत किया, बल्कि यह भी कहा कि एक खास समुदाय दूसरों को पांच मिनट में खत्म कर सकता है।

