Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना से बदल रही तस्वीर : शुभम राठौर का परिवार बना ऊर्जा आत्मनिर्भरता का उदाहरण
    • चेयरमेन सुबोध कुमार सिंह ने आंधी-बारिश में बिजली बहाल करने वाले कर्मियों को किया पुरस्कृत
    • कावेरी जल विवाद पर कर्नाटक को SC की दो टूक, निर्देश का पालन करें, तमिलनाडु का पानी छोड़ें
    • भारत की 60% कॉरपोरेट कमाई पर सिर्फ इन 5 घरानों का कब्जा! ‘अडानी-अंबानी’ के साथ इस लिस्ट में…
    • दिलचस्प:एयरोप्लेन में क्लास! राजस्थान के इस सरकारी स्कूल ने चलाई ‘एजुकेशन एयरलाइन’…
    • दृष्टिबाधा नहीं बनी बाधा, जयमंती के सपनों को मिली डिजिटल उड़ान
    • मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने ‘गजरथ यात्रा’ पुस्तक का किया विमोचन
    • गोपालगंज :मस्‍ज‍िद में घुसकर इमाम की चाकू से गोदकर हत्‍या, ग्रामीणों ने नहीं उठने द‍िया शव…
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Tuesday, August 18
    • खानपान-सेहत
    • फीचर
    • राशिफल
    • लेख-आलेख
    • व्यापार
    • बिलासपुर
    • रायपुर
    • भिलाई
    • राजनाँदगाँव
    • कोरबा
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Home»मुख्य समाचार»“पहले रजिस्ट्रार के सामने अपनी बात रखें”, भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से किया इनकार
    मुख्य समाचार

    “पहले रजिस्ट्रार के सामने अपनी बात रखें”, भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से किया इनकार

    chhattisgarhrajya.inBy chhattisgarhrajya.inJune 22, 2026
    Facebook Twitter WhatsApp Email Telegram
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    बिहार के भोजपुर जिले के शाहपुर में बिलौटी गांव के रहने वाले 28 वर्षीय भरत भूषण तिवारी की कथित पुलिस एनकाउंटर में मौत का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। इस घटना को ‘एक्स्ट्रा-ज्यूडिशियल किलिंग’ (न्यायिक प्रक्रिया से बाहर हत्या) बताते हुए और मामले की CBI जांच की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की गई थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता की तत्काल सुनवाई की मांग को खारिज कर दिया है।

    सुप्रीम कोर्ट की वेकेशन बेंच की अध्यक्षता कर रहीं जस्टिस बी.वी. नागरत्ना ने मामले की गंभीरता को तो माना, लेकिन तुरंत इस पर विचार करने से साफ इनकार कर दिया। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को स्पष्ट निर्देश दिया कि अगर वाकई तुरंत सुनवाई की जरूरत है, तो मामले को पहले तय कानूनी प्रक्रिया के तहत सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री के सामने रखना होगा, जिसके बाद नियमों के अनुसार इसे लिस्ट किया जाएगा।

    कोर्ट ने त्वरित सुनवाई से किया इनकार

    याचिकाकर्ता और सीनियर एडवोकेट विशाल तिवारी ने जस्टिस बी.वी. नागरत्ना की अगुवाई वाली बेंच से मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे ‘अर्जेंट लिस्टिंग’ कैटेगरी में शामिल करने का अनुरोध किया। वकील ने तर्क दिया कि बिहार पुलिस ने सरेंडर करने के बावजूद उस युवक को बहुत करीब से गोली मारी, जो नागरिकों के मौलिक अधिकारों और कानून के शासन का खुला उल्लंघन है। पीठ ने दलीलों को सुनने के बाद स्पष्ट किया कि किसी भी जनहित याचिका पर सीधे वेकेशन बेंच में त्वरित सुनवाई का फैसला नहीं लिया जा सकता।

    याचिका में क्या है मुख्य मांगें

    सुप्रीम कोर्ट में दायर PIL में शाहपुर के बिलौटी बधार में 17 जून को हुए भरत तिवारी के एनकाउंटर को पूरी तरह फर्जी बताया गया है। याचिका में मुख्य रूप से भोजपुर पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के उन दोषी अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की गई है जो इस संदिग्ध एनकाउंटर में शामिल थे। याचिका में मांग की गई है कि स्थानीय पुलिस विभाग की संलिप्तता को देखते हुए, निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए पूरी जांच सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) या एक स्वतंत्र स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) को सौंपी जाए।

    याचिका में एक स्वतंत्र एक्सपर्ट कमेटी बनाने की भी मांग की गई है, जिसकी अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज करें और जो इस कथित एक्स्ट्रा-ज्यूडिशियल किलिंग से जुड़े सभी तकनीकी, कानूनी और डिजिटल सबूतों (जैसे वायरल वीडियो) की जांच की निगरानी करे।

    चौतरफा घिरी सम्राट चौधरी सरकार

    17 जून को पुलिस की गोली लगने के बाद पटना के PMCH अस्पताल ले जाते समय ज्यादा खून बहने से भरत तिवारी की मौत हो गई थी। इस घटना से शाहाबाद इलाके में लोगों में भारी गुस्सा है। NDA गठबंधन के अंदर से भी तीखी आलोचना हो रही है। वहीं, विपक्षी नेता खासकर तेजस्वी यादव ने इस घटना को साफ तौर पर “पुलिस की वर्दी की आड़ में की गई हत्या” करार दिया है। प्रशासनिक दबाव और जनता के भारी विरोध को देखते हुए बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस मामले की ‘न्यायिक जांच’ की घोषणा की है, जिसकी अध्यक्षता पटना हाई कोर्ट के एक रिटायर्ड जज करेंगे। इसके अलावा घटना स्थल पर मौजूद शाहपुर थाना प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email
    chhattisgarhrajya.in
    chhattisgarhrajya.in
    • Website

    Related Posts

    ट्विशा की मौत से उठा पर्दा! CBI चार्जशीट में भी आत्महत्या का खुलासा

    August 17, 2026

    बंगाल: बीरभूम में तारापीठ मंदिर के पास होटल में भीषण आग, 6 लोगों की दर्दनाक मौत

    August 17, 2026

    परिजनों के आरोप के बाद कब्र से निकाला गया निलोफर का शव…

    August 17, 2026

    Address - Gayatri Nagar, Near Ashirwad Hospital, Danganiya, Raipur C.G.

    Chandra Bhushan Verma
    Owner & Editor
    Mobile - 9826237000 Email - chhattisgarhrajya.in@gmail.com
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    • Terms and Conditions
    • Disclaimer
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.