नई दिल्ली: अमेरिका और इजरायल के साथ करीब 40 दिनों तक चले युद्ध रुकने के बाद ईरान ने इस दौरान भारत और भारतीयों की भूमिका की काफी सराहना की है। भारत में ईरान के सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने कहा है कि इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उनके देश के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से कम से कम तीन बार बात हुई।
ईरान युद्ध के दौरान भारत की भूमिका की सराहना
अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने युद्ध के दौरान ईरान के प्रति भारतीयों के रोल की जमकर तारीफ की है और यह भी कहा है कि ईरान में रह रहे भारतीय उनकी अपनी प्राथमिकता हैं।
‘भारतीयों की याद आती है तो रो पड़ता हूं’
भारत में ईरान के सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि ने यह भी कहा कि ‘भारत में हमारे भाइयों और बहनों का, मैं उनका वर्णन नहीं कर सकता। मुझे जब भी उनकी याद आती है, मैं रो पड़ता हूं। वे शानदार हैं। उन अच्छे लोगों की कीमत को मैं शब्दों में नहीं बयां कर सकता…मैं भारत में अपने सभी भाइयों और बहनों को ऐसे खूबसूरत लोगों के होने के लिए धन्यवाद देना चाहूंगा। वे असाधारण लोग हैं…।’
‘भारतीयों की सुरक्षी हमारी प्राथमिकता’
अमेरिका के साथ सीजफायर हो जाने के बावजूद ईरान में हालात सामान्य नहीं लग रहे। इसीलिए भारत ने अपने नागरिकों से कहा है कि वह फौरन ईरान छोड़ दें। लेकिन, अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने कहा कि भारतीयों की सुरक्षा उनकी और उनके देश की प्राथमिकता है।
‘युद्ध रुकवाने में कुछ देशों की भूमिका अच्छी’
जब ईरानी नेता से सीजफायर में पाकिस्तान और चीन की भूमिका को लेकर सवाल पूछे गए तो उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि ‘कुछ देश एकजुट हुए और उन्होंने युद्धविराम करवाने में बहुत अच्छी भूमिका निभाई।’ कहा जा रहा है कि ईरान और अमेरिका के बीच दो हफ्तों तक जंग रुकवाने में पाकिस्तान की भूमिका के पीछे असल खिलाड़ी चीन है, जिसने दोनों पक्षों को फिलहाल युद्धविराम के लिए तैयार किया है।

