Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • जुलाई में लॉन्च होंगे कई तगड़े मॉडल्स
    • अंग्रेजों से भिड़ेगा भारत, आज इंग्लैंड के खिलाफ पहला टी-20 मैच
    • बड़ी कार्यवाही: 55 करोड़ के 37 किलो सोने के बिस्किट तस्करो से जप्त
    • चंदा-चढ़ावा कांड ‘बेनतीजा’
    • सशक्त राज्यसभा परिसीमन विवाद के समाधान की कुंजी
    • छत्तीसगढ़ में शिक्षकों को बड़ी राहत: शिक्षा सत्र 2026-27 के अंत तक मिलेगी पुनर्नियुक्ति, सरकार ने दी मंजूरी
    • अमेरिका का बड़ा फैसला, रूस को सहायता देने के आरोप में भारतीय कंपनी पर लगे प्रतिबंद को हटाया
    • चर्चित केतन अग्रवाल हत्या मामले पर इंस्टाग्राम पर आपत्तिजनक टिप्पणी के आरोप में डॉ . मुस्कान सोनी सस्पेंड 
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Wednesday, July 1
    • खानपान-सेहत
    • फीचर
    • राशिफल
    • लेख-आलेख
    • व्यापार
    • बिलासपुर
    • रायपुर
    • भिलाई
    • राजनाँदगाँव
    • कोरबा
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Home»छत्तीसगढ़»फसल विविधीकरण से समृद्धि की ओर बढ़ते कदम,किसानों को 314 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता
    छत्तीसगढ़

    फसल विविधीकरण से समृद्धि की ओर बढ़ते कदम,किसानों को 314 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता

    chhattisgarhrajya.inBy chhattisgarhrajya.inApril 8, 2026
    Facebook Twitter WhatsApp Email Telegram
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    रायपुर- मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों की आय में वृद्धि एवं कृषि क्षेत्र में स्थायित्व लाने के उद्देश्य से फसल विविधीकरण को लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसी कड़ी में कृषक उन्नति योजना अंतर्गत वर्ष 2025-26 में राज्य के 25.28 लाख किसानों को 12 हजार करोड़ रूपए की आदान सहायता के रूप में प्रदाय किए गए।

    राज्य सरकार ने धान पर निर्भरता कम करते हुए किसानों को दलहनी, तिलहनी एवं मोटे अनाज सहित अन्य लाभकारी फसलों की ओर प्रोत्साहित किया जा रहा है। योजना के तहत उन किसानों को प्रोत्साहन दिया गया है, जिन्होंने धान के अतिरिक्त दलहनी-तिलहनी फसलें, कोदो-कुटकी, रागी, मक्का एवं कपास जैसी फसलों का उत्पादन किया है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत राज्य के 3 लाख 6 हजार 685 किसानों को 10 हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से कुल 311 करोड़ 87 लाख 79 हजार रुपये की आदान सहायता राशि प्रदान की गई है। यह सहायता सीधे किसानों के बैंक खातों में अंतरित की गई है, जिससे उन्हें खेती की लागत में राहत मिली है। इसके अतिरिक्त, जिन किसानों ने पारंपरिक धान की खेती को छोड़कर पूर्ण रूप से वैकल्पिक फसलों को अपनाया है, उन्हें विशेष प्रोत्साहन के तहत 11 हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से सहायता दी गई है। इस श्रेणी में 2 हजार 235 किसानों को कुल 2 करोड़ 72 लाख 97 हजार रुपये की राशि प्रदान की गई है।

    इस प्रकार, कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत कुल 314 करोड़ 60 लाख 76 हजार रुपये की राशि किसानों के खातों में सीधे हस्तांतरित कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया गया है। राज्य सरकार की यह पहल न केवल किसानों की आय में वृद्धि कर रही है, बल्कि कृषि क्षेत्र में संतुलन, पोषण सुरक्षा और टिकाऊ खेती को भी बढ़ावा दे रही है। फसल विविधीकरण से जहां एक ओर किसानों को बाजार में बेहतर मूल्य मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर भूमि की उर्वरता में भी सुधार हो रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार की यह दूरदर्शी नीति किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को नई दिशा प्रदान कर रही है।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email
    chhattisgarhrajya.in
    chhattisgarhrajya.in
    • Website

    Related Posts

    छत्तीसगढ़ में शिक्षकों को बड़ी राहत: शिक्षा सत्र 2026-27 के अंत तक मिलेगी पुनर्नियुक्ति, सरकार ने दी मंजूरी

    July 1, 2026

    छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक फेरबदल: आदिम जाति विकास विभाग ने 33 अधिकारियों का किया तबादला

    July 1, 2026

    मातृशक्ति एवं प्रकृति के प्रति श्रद्धा का अनुपम संगम : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने “राम वाटिका” में किया रुद्राक्ष का पौधारोपण

    June 30, 2026

    Address - Gayatri Nagar, Near Ashirwad Hospital, Danganiya, Raipur C.G.

    Chandra Bhushan Verma
    Owner & Editor
    Mobile - 9826237000 Email - chhattisgarhrajya.in@gmail.com
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    • Terms and Conditions
    • Disclaimer
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.