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    Home»व्यापार»तकनीकी»इंस्टाग्राम व फेसबुक पर बच्चों के लिए सुरक्षा उपाय कितने कारगर होंगे?
    तकनीकी

    इंस्टाग्राम व फेसबुक पर बच्चों के लिए सुरक्षा उपाय कितने कारगर होंगे?

    chhattisgarhrajya.inBy chhattisgarhrajya.inAugust 29, 2026
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    जल्द ही इंस्टाग्राम और फेसबुक पर किशोरों को एक बहुत अलग अनुभव मिलेगा। प्लेटफॉर्म में ये बदलाव बच्चों को ऑनलाइन सुरक्षित रखने के लिए 48 राज्यों के साथ मेटा प्लेटफॉम्र्स के 18 बिलियन डालर के समझौते का एक प्रमुख हिस्सा हैं। 13 से 17 वर्ष की आयु के उपयोगकत्र्ताओं के खातों पर स्वचालित रूप से लागू होने वाली नई सुविधाओं में दैनिक समय सीमा, रात के समय ऑफ-लिमिट घंटे और स्कूल के दौरान सीमित कार्यक्षमता शामिल हैं। मेटा का कहना है कि ये फीचर्स अगले 6 महीनों में लागू हो जाएंगे। 

    समय की पाबंदी : लगातार स्क्रॉल करना माता-पिता के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है और मेटा इंस्टाग्राम और फेसबुक पर दैनिक 2 घंटे की सीमा लागू करने के साथ-साथ आधी रात से सुबह 6 बजे के बीच ऐप्स को ब्लॉक करने पर सहमत हुआ है (डायरैक्ट मैसेजिंग उपलब्ध रहेगी)। किशोर उन सैटिंग्स को अपने खाते का पर्यवेक्षण करने वाले माता-पिता की अनुमति के बिना बदलने में सक्षम नहीं होंगे। लेकिन कंपनी उद्योग में एक समान अवसर बनाना चाहती है, ताकि किशोर प्रतिस्पर्धी ऐप्स पर न जाएं। अपनी शर्तों के हिस्से के रूप में, मेटा मांग कर रहा है कि टिकटॉक, यूट्यूब और स्नैप चैट अपने ऐप्स पर समान दैनिक समय सीमा और रात की पाबंदियां लागू करने पर सहमत हों।

    यदि वे प्रतिस्पर्धी 5 वर्षों के भीतर इसका पालन नहीं करते, तो मेटा अपनी सीमाएं हटा लेगा। एक ‘स्कूल मोड’ भी है, जो स्कूल के घंटों के दौरान नोटिफिकेशन को म्यूट कर देता है (माता-पिता उस प्रतिबंध को भी ढीला कर सकते हैं)। किशोर या माता-पिता ऑटोप्ले सुविधा को भी बंद कर सकेंगे, जो एक अंतहीन वीडियो फीड बनाती है लेकिन यह डिफॉल्ट रूप से बंद नहीं है।

    फेयरप्ले नामक एक गैर-लाभकारी बाल-सुरक्षा संगठन के कार्यकारी निदेशक जोश गोलिन कहते हैं कि ऐसे प्रतिबंधों की पेशकश करना, जिन्हें किशोर अपने माता-पिता से ढीला करने की भीख मांग सकते हैं, माता-पिता और बच्चों के बीच एक संघर्ष पैदा करता है। वे कहते हैं कि यह डिफॉल्ट सैटिंग्स की पूरी अवधारणा के विपरीत है। 

    तुलना और एल्गोरिदम : मेटा स्वचालित रूप से उन लाइक्स और रिएक्शन्स की संख्या को छिपा रहा है, जो किशोर अपने पोस्ट पर और साथ ही अन्य किशोरों के पोस्ट पर देख सकते हैं। ऑनलाइन-सुरक्षा पैरोकार इस बदलाव का समर्थन करते हैं, क्योंकि सोशल मीडिया पर तुलना आत्म-संदेह की ओर ले जा सकती है (आत्मसम्मान के विषय पर, वर्तमान में ब्लॉक किए गए फिल्टर के अलावा, किशोरों को चरम-मेकअप फिल्टर से भी स्वचालित रूप से ब्लॉक कर दिया जाएगा)। माता-पिता के लिए एक चिंता यह है कि इंस्टाग्राम का एल्गोरिदम उनके किशोरों को क्या दिखाता है। अब, किशोरों के लिए, या माता-पिता के लिए, एल्गोरिद्मिक अनुशंसाओं को बंद करने का एक विकल्प है। लेकिन सुरक्षा विशेषज्ञों की आपत्ति के बावजूद एल्गोरिद्मिक फीड डिफॉल्ट रूप से चालू रहेगा।

    सत्यापन और तरकीबें : सोशल-मीडिया अकाऊंट सैट करते समय बच्चे अक्सर अपनी उम्र के बारे में झूठ बोलते हैं। हाल के वर्षों में, कंपनियों ने उपयोगकत्र्ता की संभावित उम्र निर्धारित करने के लिए ए.आई. टूल अपनाए हैं। यदि यह उन उपयोगकत्र्ताओं का पता लगाता है जो कहते हैं कि वे वयस्क हैं लेकिन वास्तव में 13 और 17 वर्ष के बीच के हैं, तो ये प्रतिबंध स्वचालित रूप से लागू हो जाएंगे। उदाहरण के लिए, यदि कोई अभिभावक खाता उसी डिवाइस या ईमेल पते का उपयोग करके बनाया गया है जिसका उपयोग किशोर करता है, तो वह एक ‘लाल झंडा’ है। लेकिन मेटा स्वीकार करता है कि उसके पास किशोरों को नकली अभिभावक पर्यवेक्षी खाता बनाने या किसी अन्य को बनाने के लिए कहने से रोकने के लिए कोई अचूक प्रणाली नहीं है। किशोरों के लिए एक और दीर्घकालिक तरकीब दूसरे इंस्टाग्राम अकाऊंट बनाना रहा है, जिसके बारे में उनके माता-पिता को पता नहीं है। आगे बढ़ते हुए, माता-पिता को तब सूचित किया जाएगा जब कोई किशोर एक द्वितीयक खाता ङ्क्षलक करता है लेकिन यह किशोरों के मौजूदा अतिरिक्त खातों पर लागू नहीं होगा।

    अभिभावकीय नियंत्रण : परिवारों के लिए अभिभावकीय नियंत्रण अनुचित रूप से बोझिल हो गए हैं क्योंकि किशोर दोस्तों से संवाद करने के लिए कई ऐप्स का उपयोग करते हैं। ऑनलाइन-सुरक्षा पैरोकारों का लंबे समय से तर्क है कि टैक कंपनियों को अपने उत्पादों को केवल किशोरों के लिए सुरक्षित बनाने के लिए डिजाइन करना चाहिए। मेटा द्वारा किशोर खातों को अधिक सुरक्षित बनाने के पिछले प्रयास में अभिभावकीय नियंत्रण की आवश्यकता नहीं थी, हालांकि इसने माता-पिता को अतिरिक्त प्रतिबंधों को सक्षम करने की क्षमता दी, जैसे समय सीमा और अपने बच्चों के सोशल कनैक्शनों की निगरानी करना।

    सैंटर फॉर डिजिटल डैमोक्रेसी की उप निदेशक कैथरीना कॉप कहती हैं, ‘‘अभिभावकीय नियंत्रण केवल उसी परिवार में काम करते हैं, जिसमें समय, तकनीकी आत्मविश्वास, एक स्मार्टफोन और प्लेटफॉर्म पर एक खाता, जिस भाषा में उपकरण पेश किए जाते हैं उसमें प्रवाह और बच्चे के साथ एक स्थिर संबंध रखने वाला एक वयस्क हो। जिन बच्चों के पास ये सब हैं, वे आमतौर पर वे बच्चे होते हैं जो पहले से ही सबसे अच्छे से सुरक्षित हैं।’’(‘डब्ल्यू.एस.जे.’ से साभार)-जूली जार्गन और मेघना बोब्रोव्स्की 

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