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इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू से भारत ने दिया ‘वसुधैव कुटुंबकम’ का संदेश, INS विक्रांत रहा,आकर्षण का केंद्र…

नई दिल्ली:18 देशों के 20 जंगी जहाज, भारत के 50 से अधिक जंगी जहाज और आसमान में हेलीकाप्टरों और फाइटर जेट्स की गड़गड़ाहट. इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू के मौके पर आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम तट पर कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला. प्रेसिडेंट द्रौपदी मुर्मू ने इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू में शामिल सभी जहाजों का निरिक्षण किया और उनके कमांडर्स की सलामी ली. इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू की इस शानदार परंपरा ने समुद्री शांति के प्रति भारत की भारत की कमिटमेंट को जाहिर किया है.

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भारत का मानना ​​है कि एक मज़बूत समुद्री व्यवस्था, एक जैसी सोच वाले पार्टनर्स के बीच मिलकर ज़िम्मेदारी और मिलकर काम करने पर आधारित होती है. ये शब्द हैं भारत की राष्ट्रपति और तीनों सेनाओं की कमांडर इन चीफ  प्रेसिडेंट द्रौपदी मुर्मू के. इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू, 2026 में 70 से ज़्यादा देशों की नौसेना हिस्सा लेने भारत आई हैं.

इस मौके पर राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू, समुद्री परंपराओं के लिए देशों के बीच एकता, भरोसा और सम्मान दिखाता है. अलग-अलग झंडों वाले जहाज़ और अलग-अलग देशों के सेलर्स ने इस कार्यक्रम में एकजुटता की भावना दिखाई.  उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि एकजुटता की यह भावना इस रिव्यू की थीम: United Through Oceans में अच्छी तरह से दिखाई गई है. यह ग्लोबल कम्युनिटी के लिए एक पॉजिटिव मैसेज है कि इस मिली-जुली नेवी की ताकत का कमिटमेंट और पक्का इरादा, किसी भी चुनौती को पार कर सकता है. 

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प्रेसिडेंट ने कहा कि समुद्री इलाके समेत इंटरनेशनल रिश्तों को लेकर भारत का नज़रिया ‘वसुधैव कुटुंबकम’ या ‘दुनिया एक परिवार है’ की हमारी सोच से गाइड होता है. यह नज़रिया इस समझदारी को दिखाता है कि ग्लोबल सिक्योरिटी और ग्रोथ, सस्टेनेबिलिटी और स्टेबिलिटी वाली पार्टनरशिप से बनती है. पार्टनरशिप की यह भावना एक लंबे समय तक चलने वाले ग्लोबल ऑर्डर की नींव है. भारत का मानना ​​है कि एक मज़बूत समुद्री ऑर्डर मिली-जुली ज़िम्मेदारी और एक जैसी सोच वाले पार्टनर्स के बीच मिलकर काम करने पर आधारित होता है. उन्होंने कहा कि यह फ्लीट रिव्यू भारत के ‘महासागर’ के विज़न को भी आगे बढ़ाता है, जिसका मतलब है सभी इलाकों में सिक्योरिटी और ग्रोथ के लिए आपसी सहयोग के लिए काम हो जिससे सभी की तरक्की सुनिश्चित हो. 

राष्ट्रपति ने मित्र देश की नौसेनाओं के अधिकारियों और नाविकों की भी तारीफ़ की.  उन्होंने कहा कि वे अपनी सेवाओं और अपने देशों की सबसे अच्छी परंपराओं को दिखाते हैं. उनका अनुशासन, समर्पण और काबिलियत वह नींव है जिस पर सामूहिक समुद्री सुरक्षा बनी है. उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि फ्लीट रिव्यू में मित्र देशों की  मौजूदगी ने हमारे भरोसे के रिश्तों को और मज़बूत किया है. राष्ट्रपति के मुताबिक इस फ्लीट रिव्यू ने समुद्र में शांति, स्थिरता और सहयोग के लिए हमारे साझा कमिटमेंट को पक्का किया है. उन्होंने भरोसा जताया कि इस फ्लीट रिव्यू में शामिल सभी नेवी मिलकर समुद्रों को दुनिया भर के विकास, खुशहाली और पूरी भलाई के गेटवे के तौर पर आगे बढ़ने में मदद करेंगी. जैसा कि राष्ट्रपति ने कहा, इस फ्लीट रिव्यू की वजह से भारत और मित्र देशों की नेवी ने साझा अभियानों के लिए भी जमीन पक्की की है. इस बार 18 देशों के 19 जंगी जहाजों ने इस फ्लीट रिव्यू में हिस्सा लिया है. इन देशों में शामिल हैं:-

  • सेशेल्स
  • इंडोनेशिया
  • मालदीव
  • थाईलैंड
  • ओमान
  • ईरानी जहाज़
  • रिपब्लिक ऑफ़ कोरिया नेवी
  • ऑस्ट्रेलिया
  • जापान
  • म्यांमार
  • वियतनाम
  • संयुक्त अरब अमीरात
  • मलेशिया
  • साउथ अफ्रीका
  • रशियन नेवी
  • ऑस्ट्रेलिया
  • बांग्लादेश
  • श्रीलंका

इस खास मौके पर सबसे बड़ा आकर्षण का केंद्र भारत का स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर  INS विक्रांत रहा. इसके साथ ही 50 से ज्यादा लड़ाकू विमानों और हेलिकॉप्टर्स ने  फ्लाई-पास्ट कर राष्ट्रपति को सलामी दी. आसमान में मिग-29के , एलसीए तेजस, पी-8आई टोही विमान और सी-किंग हेलिकॉप्टरों की गड़गड़ाहट सुनाई दी. दुनिया के सबसे घातक समुद्री कमांडो में शुमार नौसेना के मार्कोस ने भी अपने कौशल का प्रदर्शन किया. मार्कोस को पूरी दुनिया में उनकी सकिल और कड़ी ट्रेनिंग की वजह से ख्याति प्राप्त है. अमेरिका के प्रेसिडेंट बराक ओबामा की भारत यात्रा के दौरान अमेरिकन सीक्रिट सर्विस ने भी प्रेसिडेंट ओबामा की सुरक्षा के लिए मार्कोस की ही मांग की थी.

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