भारत का Tech रेस में बड़ा दांव, अमेरिका के साथ नई AI साझेदारी का किया ऐलान

वैश्विक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) रेस के बीच भारत ने “डर की राजनीति” को पीछे छोड़ते हुए बड़ा रणनीतिक कदम उठाया है। अमेरिका के साथ नई US-India AI Opportunity Partnership की घोषणा कर भारत ने साफ संकेत दिया है कि वह टेक्नोलॉजी की इस निर्णायक दौड़ में नेतृत्व की भूमिका निभाना चाहता है। यह पहल Pax Silica Declaration के तहत दोनों देशों के बीच गहरे होते तकनीकी और आर्थिक सहयोग को नई दिशा देती है।
वैश्विक AI प्रतिस्पर्धा के बीच अमेरिका और भारत ने “US-India AI Opportunity Partnership” के तहत नई रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की है। यह समझौता Pax Silica Declaration के तहत एक द्विपक्षीय ऐडेंडम के रूप में सामने आया है।दोनों देशों ने स्पष्ट किया कि वे AI विकास को “डर की राजनीति” के बजाय नवाचार, उद्यमिता और आर्थिक विकास के मॉडल पर आगे बढ़ाएंगे। बयान में कहा गया कि 21वीं सदी की AI क्रांति का आधार क्रिटिकल मिनरल्स, ऊर्जा, कंप्यूट क्षमता और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग जैसे भौतिक ढांचे पर टिका होगा।
यह पहल Donald Trump और Narendra Modi द्वारा प्रस्तावित TRUST (Transforming the Relationship Utilizing Strategic Technologies) विजन से भी जुड़ी है। समझौते के प्रमुख बिंदुओं में रेगुलेटरी सिस्टम का तालमेल, निवेश को प्रोत्साहन, स्टार्टअप इकोसिस्टम को सशक्त करना और निजी क्षेत्र की अगुवाई में AI नवाचार को बढ़ावा देना शामिल है। दोनों देश वेंचर कैपिटल फ्लो, R&D पार्टनरशिप, डेटा सेंटर निवेश और AI कंप्यूट व प्रोसेसर एक्सेस पर सहयोग बढ़ाएंगे।
“Physical AI Stack” को मजबूत करने के तहत ऊर्जा अवसंरचना, क्रिटिकल मिनरल उत्पादन, कुशल कार्यबल और भरोसेमंद सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम विकसित करने पर जोर दिया जाएगा। यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब वैश्विक स्तर पर AI गवर्नेंस, सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन और खनिज सुरक्षा को लेकर बहस तेज हो रही है। दोनों लोकतंत्रों ने संकेत दिया है कि वे AI नेतृत्व में पीछे रहने के बजाय इसे दिशा देने का लक्ष्य रखते हैं।



