भारतीय जूनियर बैडमिंटन खिलाडिय़ों ने धमाकेदार प्रदर्शन करते हूए विश्व जूनियर मिश्रित टीम चैंपियनशिप में अपना पहला पदक पक्का करने के साथ ही इतिहास रच दिया। भारतीय टीम ने 21 साल के लंबे इंतजार के बाद इस चैंपियनशिप में कोई पदक जीता है। भारतीय टीम ने यह कारनामा छत्तीसगढ़ के रौनक चौहान की कप्तानी में किया है। रौनक ने अहम बढ़त दिलाकर भारत को जीत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
भारतीय टीम ने गुरूवार को तीन घंटे तक चले मुकाबले में कोरिया को 44-45, 45-30, 45-33 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई और कम से कम कांस्य पदक पक्का कर लिया। भारतीय टीम ने क्वार्टरफाइनल में कोरिया से पिछडऩे के बाद जबरदस्त वापसी की। अब फाइनल में जगह बनाने के लिए भारतीय टीम शुक्रवार को होने वाले अंतिम-4 मुकाबले में एशियाई अंडर-19 मिश्रित टीम चैंपियन इंडोनेशिया से भिड़ेगी। इंडोनेशिया ने एक अन्य क्वार्टरफाइनल में चीनी ताइपे को 45-35, 45-35 से हराया। क्वार्टरफानल के लिए भारत जिस तरह से तैयार था, उससे साफ जाहिर था कि कोरियाई टीम के खिलाफ मेजबान अपने एकल खिलाडिय़ो के दम पर उतरेगा।
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