लंदन। भारतीय टीम रविवार को ‘होम ऑफ क्रिकेट’ (लॉर्ड्स) के मैदान पर होने वाले निर्णायक तीसरे अंतरराष्ट्रीय वनडे मैच को जीतकर 22 साल के सूखे को खत्म करने और इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज विजय के इरादे से उतरेगी। कार्डिफ में इंग्लैंड की जबरदस्त वापसी के बाद तीन मैचों की सीरीज 1-1 से बराबरी पर है। अब यह निर्णायक मुकाबला इतिहास, व्यक्तिगत प्रतिद्वंद्विता और बड़े दांव-पेच से भरा होने वाला है। पलटकर देखा जाये तो लॉर्ड्स ने भारत को कुछ सबसे यादगार पल दिये है जैसे 1983 में कपिल देव का वर्ल्ड कप उठाना हो या 2002 में नेटवेस्ट ट्रॉफी जीतने के बाद सौरव गांगुली का शर्ट लहराकर जश्न मनाना। फिर भी, उन यादों के बावजूद, भारत ने 2004 के बाद से इस मैदान पर कोई वनडे मैच नहीं जीता है। इसलिए रविवार को यहां होने वाले मुकाबले का महत्व और बढ़ जाता है।
भारत को उम्मीद होगी कि उनके बड़े खिलाड़ी अहम मौक़े पर अच्छा प्रदर्शन करेंगे। रोहित शर्मा के लिए यह सीरीज अब तक कुछ खास नहीं रही है, लेकिन दबाव वाली स्थितियों में शानदार पारियां खेलने के मामले में बहुत कम खिलाड़ियों की प्रतिष्ठा उनके जैसी है। अगर यह सलामी बल्लेबाज फॉर्म में वापसी करता है, तो यह निर्णायक साबित हो सकता है क्योंकि भारत फिर से बढ़त बनाने की कोशिश कर रहा है। वहीं, विराट कोहली की बात की जाये तो वह कार्डिफ में शानदार अर्धशतक के साथ अपनी लय में लौटते दिखे। अगर वह एक और बार 50 से अधिक रन बनाते हैं, तो वह इंग्लैंड के खिलाफ वनडे में सबसे अधिक बार 50 से ज़्यादा रन बनाने वाले भारतीय खिलाड़ी के तौर पर रोहित की बराबरी कर लेंगे और साथ ही इंग्लिश जमीन पर अपने शानदार रिकॉर्ड को और बेहतर बनाएंगे।

