गुवाहाटी: असम विधानसभा चुनाव प्रचार के अंतिम दिन मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ताबड़तोड़ सभाएं की। अमित शाह ने कहा कि पूर्वोत्तर के असम, पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा में एनडीए सरकार होने पर घुसपैठ पूरी तरह से रुक जाएगी। गौरतलब हो कि त्रिपुरा और असम में एनडीए सत्ता में है लेकिन पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस लंबे समय से काबिज है। असम के श्रीभूमि, हैलाकांडी और लखीपुर में रैलियाें को संबोधित करते हुए शाह ने बड़े वादे किए। उन्होंने कहा कि बीजेपी शासन में चाय बागान मजदूरों की मजदूरी 94 रुपये से बढ़कर 258 रुपये हो गई है, हम 5 साल में इसे बढ़ाकर 500 रुपये प्रतिदिन कर देंगे।
पूरी तरह से रुक जाएगी घुसपैठ
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि असम, पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा में बीजेपी के नेतृत्व वाली NDA सरकारों के आने से घुसपैठ पूरी तरह से रुक जाएगी। उन्होंने कहा कि केवल बीजेपी ही असम को अवैध घुसपैठ से बचा सकती है और उसकी सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रख सकती है।
उन्होंने बंगाल में बीजेपी की सरकार बनने का भरोसा जताते हुए उन्होंने कहा कि घुसपैठियों की पहचान कर ली गई है, और उनमें से हर एक को देश से बाहर निकाल दिया जाएगा। अवैध प्रवासी असम के स्थानीय युवाओं, गरीब परिवारों और चाय बागान मज़दूरों के लिए बनी नौकरियां, राशन और रोज़गार छीन लेते हैं। असम विधानसभा चुनाव 2026 के लिए सभी 126 सीटों पर 9 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे।
कांग्रेस कर रही है तुष्टीकरण की राजनीति
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस तुष्टीकरण की राजनीति कर रही है और अवैध घुसपैठ पर कड़ा कदम उठाने में नाकाम रही है, जिसका असम के जनसांख्यिकीय और सामाजिक-राजनीतिक ताने-बाने पर लंबे समय से असर पड़ रहा है। ईटी की रिपोर्ट के अनुसार अमित शाह ने आगे कहा कि पिछली कांग्रेस सरकारों ने 1950 के ‘प्रवासी (असम से निष्कासन) अधिनियम’ को खत्म करके और 1983 में IMDT अधिनियम लाकर कानूनी सुरक्षा उपायों को कमजोर किया। उन्होंने दावा किया कि इस अधिनियम ने अवैध प्रवासियों को सुरक्षा प्रदान की। उन्होंने नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) का विरोध करने के लिए भी कांग्रेस की आलोचना की, और कहा कि सताए गए अल्पसंख्यकों की रक्षा के लिए यह जरूरी था। शाह ने कहा कि स्थायी विकास तभी संभव है जब शांति और स्थिरता हो। सुरक्षा के बिना प्रगति को बनाए नहीं रखा जा सकता।

