MLC पद से के कविता का इस्तीफा मंजूर, पिता के खिलाफ तेलंगाना में अपनी पार्टी बनाने का ऐलान

हैदराबाद : तेलंगाना में बड़ा सियासी अपडेट सामने आया है। विधान परिषद के अध्यक्ष गुट्टा सुखेन्द्र रेड्डी ने तेलंगाना जागृति की अध्यक्ष कलवाकुंतला कविता का इस्तीफा मंजूर कर लिया है। के कविता निज़ामाबाद स्थानीय प्राधिकरण निर्वाचन क्षेत्र से विधायक थीं। उनका इस्तीफा स्वीकार किए जाने के बाद, विधान सचिव ने इसकी पुष्टि करते हुए एक आधिकारिक नोटिस जारी किया। के कविता 2021 में निज़ामाबाद स्थानीय प्राधिकरण निर्वाचन क्षेत्र से चुनी गई थीं। उन्होंने इससे पहले 3 सितंबर को भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) पार्टी और विधायक पद दोनों से इस्तीफा दे दिया था।
के कविता ने विधान परिषद को संबोधित करते हुए सोमवार को अध्यक्ष से अपना इस्तीफा स्वीकार करने का औपचारिक अनुरोध किया था। यह घटनाक्रम तेलंगाना में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक क्षण है। खासकर बीआरएस पार्टी और राज्य के विधायी परिदृश्य में हुए परिवर्तनों के संदर्भ में।
के कविता बनाएंगी अपनी पार्टी?
एक दिन पहले, के कविता ने समाज के सभी वर्गों से ‘समाजिक तेलंगाना’ के निर्माण के लिए एकजुट होने की अपील की थी। कविता के कार्यालय से जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, तेलंगाना मूवमेंट जेएसी, कर्मचारी संघों, जाति संगठनों और छात्र संगठनों सहित विभिन्न संगठनों के नेताओं ने कविता को अपना समर्थन दिया है और कहा है कि राज्य में तेलंगाना की पहचान पर केंद्रित एक पार्टी की आवश्यकता है।
के कविता से मिले कार्यकर्ता
तेलंगाना जागृति के कार्यकर्ताओं, समर्थकों और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों की एक बड़ी सभा बंजारा हिल्स स्थित तेलंगाना जागृति कार्यालय में कविता से मिली और उनके नेतृत्व के प्रति एकजुटता और समर्थन व्यक्त किया। इस अवसर पर “जय कविथक्का” के नारे गूंजे और माहौल में जोश भर गया। कविता ने सभी का अभिवादन किया और सभा को धन्यवाद दिया। उन्होंने आश्वासन दिया कि उनका संघर्ष तेलंगाना के लोगों की आकांक्षाओं के अनुरूप होगा और एक लोकतांत्रिक आंदोलन के निर्माण के लिए समर्थन की अपील की।
के कविता से मिलने पहुंचे समर्थक
सिंगारेनी कार्यकर्ताओं, सरकारी कर्मचारियों, बीसी संगठनों और छात्र संघों सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने कविता को पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि उनके नेतृत्व में बनी पार्टी तेलंगाना के समाज के सभी वर्गों का कल्याण करेगी।
के कविता का क्यों किया गया था सस्पेंड
अपने भाषण के दौरान उन्होंने अपने पिता के चंद्रशेखर राव के नेतृत्व वाली पार्टी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया था कि पूर्ववर्ती बीआरएस शासनकाल में तेलंगाना में भ्रष्टाचार हुआ। उन्होंने पार्टी के संविधान को ‘मजाक’ करार दिया। उन्होंने यह भी कहा था कि बीआरएस शासन के दौरान लिए गए कुछ ‘अलोकप्रिय’ फैसलों में उनकी कोई भूमिका नहीं थी।
कविता को सितंबर 2025 में बीआरएस से निलंबित कर दिया गया था। उन्होंने अपने चचेरे भाइयों और पार्टी नेताओं टी हरीश राव तथा जे संतोष कुमार पर बीआरएस शासनकाल में बने कलेश्वरम लिफ्ट सिंचाई परियोजना को लेकर उनके पिता केसीआर की छवि ‘धूमिल’ करने का आरोप लगाया था। निलंबन के बाद से कविता, उनके नेतृत्व वाले सांस्कृतिक संगठन ‘तेलंगाना जागृति’ के बैनर तले सार्वजनिक मुद्दों पर सक्रिय हैं। कविता ने पिछले वर्ष दिसंबर में यह भी घोषणा की थी कि उनका राजनीतिक मंच राज्य में होने वाले अगला विधानसभा चुनाव लड़ेगा।



