Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • फसल विविधीकरण से समृद्धि की ओर बढ़ते कदम,किसानों को 314 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता
    • आत्मनिर्भरता की मिसाल: औराटोला बना बालोद का पहला लखपति दीदी ग्राम
    • 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा:फेल हो गई तो शादी नहीं होगी, छात्र-छात्राओं ने उत्तरपुस्तिका में पास करने लगाई गुहार…
    • रायगढ़ा में माइनिंग प्रोजेक्ट की सड़क बनाने पर झड़प, 250 लोगों ने बोला हमला, 58 पुलिसकर्मी समेत कुल 70 घायल
    • आई-गॉट में सभी विभागों को ऑन-बोर्ड होना जरूरी: मुख्य सचिव
    • गोवा के पुराने स्मारक का सरकार ने रख दिया कोंकणी नाम, छिड़ी बहस
    • केरल में वोट शेयर बढ़ाकर खेल खराब कर सकती है बीजेपी, आसान नहीं है UDF की राह
    • एक मिनट में 25 शब्द टाइप नहीं कर पाए दो बार टेस्ट, दोनों बार फेल,DM ने डिमोशन करके बना द‍िया चपरासी…
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Wednesday, April 8
    • खानपान-सेहत
    • फीचर
    • राशिफल
    • लेख-आलेख
    • व्यापार
    • बिलासपुर
    • रायपुर
    • भिलाई
    • राजनाँदगाँव
    • कोरबा
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Home»मुख्य समाचार»LPG सिलेंडर की लेट डिलीवरी और ओटीपी ने तीन दिन से कुएं में फंसे बुजुर्ग की बचाई जान
    मुख्य समाचार

    LPG सिलेंडर की लेट डिलीवरी और ओटीपी ने तीन दिन से कुएं में फंसे बुजुर्ग की बचाई जान

    chhattisgarhrajya.inBy chhattisgarhrajya.inApril 8, 2026
    Facebook Twitter WhatsApp Email Telegram
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    उडुपी: कभी-कभी, ज़िंदा रहना सबसे अप्रत्याशित पलों पर निर्भर करता है। कर्नाटक के उडुपी की एक घटना ने इसे साबित कर दिया। हैरान करने वाली इस घटना में, गैस सिलेंडर की डिलीवरी में देरी और गैस सिलेंडर के एक साधारण OTP ने 62 साल के एक बुज़ुर्ग के लिए जीवन-रेखा का काम किया। यह बुजुर्गा तीन दिनों से एक कुएं के अंदर फंसे हुए थे। यह सुनने में किसी फ़िल्म के सीन जैसा लग सकता है, लेकिन यह हकीकत है। सही समय पर मिली मदद से बुजुर्ग की जिंदगी बच गई।

    यह घटना कैसे हुई?

    यह कहानी है कम्बलाकाट्टे के रहने वाले श्रीनिवास आचार्य की। श्रीनिवास अपने घर पर अकेले रहते हैं। तीन दिन पहले वह अपने घर के कुएं से पानी निकालने गए थे। तभी अचानक रस्सी टूट गई और वह कुएं में गिर गए। बार-बार कोशिश करने के बाद भी वे बाहर नहीं निकल पाए।

    तीन दिनों तक संघर्ष करते रहे

    मदद के लिए श्रीनिवास चीखने लगे लेकिन उनकी चीखें आस-पड़ोस में किसी ने नहीं सुनीं। जैसे-जैसे दिन बीतते गए, उनकी हालत के बारे में किसी को पता नहीं चला। उनका हालचाल पूछने वाला कोई नहीं था, इसलिए वे कुएं के अंदर एक फुटबॉल पाइप और एक रस्सी को पकड़कर वह ज़िंदा रहने के लिए संघर्ष करते रहे।

    पड़ोस से लिया था गैस सिलेंडर

    घटना में एक चौंकाने वाले मोड़ आया। श्रीनिवास ने गैस सिलेंडर बुक किया था, लेकिन डिलीवरी में देरी हो गई। श्रीनिवास के घर पर गैस खत्म थी तो उन्होंने गणेश नाम के एक परिचित से एक अतिरिक्त सिलेंडर उधार ले लिया था। उन्होंने गणेश को कहा था कि जब उनके सिलेंडर की डिलीवरी होगी तो वह उन्हें दे देंगे।

    सिलेंडर डिलीवरी वाला लौटा

    इधर गणेश के घर पर भी सिलेंडर खत्म होने वाला था। उन्होंने डिलीवरी जल्दी करवाने के लिए गैस एजेंसी से संपर्क किया। एक डिलीवरी वाला सिलेंडर लेकर श्रीनिवास आचार्य के घर गया, लेकिन उसे वापस लौटना पड़ा क्योंकि डिलीवरी के लिए ज़रूरी OTP देने वाला कोई भी घर पर मौजूद नहीं था। इस बात से अनजान, गणेश ने बाद में गैस एजेंसी से दोबारा संपर्क किया। जब उसे बताया गया कि श्रीनिवास के घर पर OTP देने के लिए कोई मौजूद नहीं था, तो वह चिंतित हो गया। उसे लगा कि कुछ गड़बड़ है, इसलिए वह तुरंत पास में ही श्रीनिवास के घर गया।

    ऐसे श्रीनिवास का कुएं में लगा पता

    श्रीनिवास का घर खुला पड़ा था। वह पूरे घर में घूमकर देख आए लेकिन कोई नजर नहीं आया। जब उन्हें श्रीनिवास कहीं नहीं मिले तो उसका शक और गहरा हो गया। घर के आस-पास तलाशी लेते हुए, उसने आखिरकार कुएं में झांका और पाया कि श्रीनिवास अंदर फंसा हुआ है। उन्होंने मोहल्ले के लोगों को बुलाया। स्थानीय लोग तुरंत इकट्ठा हो गए और सीढ़ी नीचे उतारकर उसे बचाने की कोशिश की। हालांकि, तीन दिनों तक बिना कुछ खाए-पिए रहने के कारण, श्रीनिवास इतना कमज़ोर हो चुका था कि वह खुद से ऊपर नहीं चढ़ पा रहा था। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए, उन्होंने दमकल विभाग को सूचना दी।

    बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचा, और एक दमकलकर्मी कुएं में नीचे उतरा ताकि श्रीनिवास को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। इसके बाद श्रीनिवास आचार्य को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां वह अभी ठीक हो रहे हैं।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email
    chhattisgarhrajya.in
    chhattisgarhrajya.in
    • Website

    Related Posts

    आत्मनिर्भरता की मिसाल: औराटोला बना बालोद का पहला लखपति दीदी ग्राम

    April 8, 2026

    रायगढ़ा में माइनिंग प्रोजेक्ट की सड़क बनाने पर झड़प, 250 लोगों ने बोला हमला, 58 पुलिसकर्मी समेत कुल 70 घायल

    April 8, 2026

    हरियाणा की महिला टूरिस्ट का हंगामा गंगा किनारे पी रही थी शराब पुलिस ने रोका तो बोली- ‘तुम्हारी रोजी‑रोटी हम पर्यटकों से चलती है’

    April 8, 2026

    Address - Gayatri Nagar, Near Ashirwad Hospital, Danganiya, Raipur C.G.

    Chandra Bhushan Verma
    Owner & Editor
    Mobile - 9826237000 Email - chhattisgarhrajya.in@gmail.com
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    • Terms and Conditions
    • Disclaimer
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.