दिल्ली में बीजेपी नेता और पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा द्वारा एक युवक को थप्पड़ मारने के मामले को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बीजेपी और आरएसएस पर निशाना साधा है। खरगे ने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष पर ED-CBI का इस्तेमाल कर रही है। जबकि जनता के विरोध और सवालों का जवाब थप्पड़, लाठी और गोली से दिया जा रहा है। खरगे ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर ये आरोप लगाए।
तानाशाह BJP-RSS सीधे वाइलेंस पर उतर आई
खरगे ने अपनी पोस्ट में लिखा कि मोदी सरकार और बीजेपी लोगों के सवालों से इतनी घबरा गई है कि नाराज फूफा, दिमागी नक्सल और आंदोलनजीवी जैसे शब्द भी अब फीके पड़ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस सीधे हिंसा पर उतर आई है। खरगे ने अपनी पोस्ट में दिल्ली के मंत्री द्वारा युवक को थप्पड़ मारने, जंतर-मंतर पर युवाओं पर लाठीचार्ज और किसानों से जुड़े पुराने मामलों का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता के अहंकार में जनता पर लाठी-डंडों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
क्या है प्रवेश वर्मा का थप्पड़ कांड?
दरअसल, दिल्ली के पीडब्ल्यूडी मंत्री और बीजेपी नेता प्रवेश वर्मा का एक वीडियो सामने आया है। जिसमें वह पश्चिमी दिल्ली के तिलक नगर इलाके में सड़क निरीक्षण के दौरान एक युवक को थप्पड़ मारते नजर आ रहे हैं। वीडियो में वर्मा पहले युवक का मोबाइल नीचे करते और फिर उसे थप्पड़ मारते दिखाई देते हैं।
इस घटना के बाद आम आदमी पार्टी ने मंत्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं, थप्पड़ खाने वाले युवक ने भी पुलिस में शिकायत दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
प्रवेश वर्मा ने दी सफाई
विवाद बढ़ने के बाद प्रवेश वर्मा ने कहा कि घटना के पीछे पूरा संदर्भ वीडियो में नहीं दिखाया गया है। उनका दावा है कि मौके पर मौजूद आप कार्यकर्ताओं ने उनके परिवार के बारे में कथित तौर पर आपत्तिजनक बातें कही थीं जिसके बाद उन्होंने गुस्से में प्रतिक्रिया दी। वर्मा ने यह भी कहा कि जो हुआ, वह नहीं होना चाहिए था।
दिल्ली बीजेपी ने भी घटना पर खेद जताया है। पार्टी ने हालांकि दावा किया कि मौके पर मौजूद आप विधायक जरनैल सिंह के साथ आए लोगों की ओर से उकसावे के बाद विवाद बढ़ा।
खरगे ने किसानों और युवाओं के मुद्दे भी उठाए
खरगे ने अपने पोस्ट में किसान आंदोलन के दौरान हुई कार्रवाई और गुजरात के ऊना में दलितों से जुड़े मामले का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र और बीजेपी शासित सरकारों में जनता के विरोध और सवालों को दबाने के लिए बल प्रयोग किया जा रहा है।

