बांग्लादेश पर MEA का बयान : यूनुस के राज में 2900 से ज्यादा घटनाएं, दीपू दास की हत्या को इग्नोर नहीं कर सकते

बांग्लादेश से जुड़े हालात और भारत विरोधी बयानबाजी पर विदेश मंत्रालय ने सख्त रुख अपनाया है. साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि इस विषय पर भारत पहले ही एक-दो आधिकारिक बयान जारी कर चुका है. उन्होंने साफ किया कि बांग्लादेश में भारत के खिलाफ पेश किए जा रहे झूठे और भ्रामक नैरेटिव को विदेश मंत्रालय सिरे से खारिज करता है. MEA ने कहा कि इस तरह की गलत सूचनाएं वास्तविकता को तोड़-मरोड़ कर पेश करती हैं और जमीनी सच्चाई से ध्यान भटकाने की कोशिश हैं. मंत्रालय ने दोहराया कि बांग्लादेश में कानून व्यवस्था और सुरक्षा की स्थिति बनाए रखना पूरी तरह वहां की सरकार की जिम्मेदारी है. भारत अपने हितों और नागरिकों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क है और हालात पर करीबी नजर बनाए हुए है.
विदेश मंत्रालय ने बांग्लादेश में दीपू दास की हत्या की कड़ी भर्त्सना की और कहा कि भारत चाहता है कि दोषियों को सख्त सजा मिले. MEA ने यह भी कहा कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमले गंभीर चिंता का विषय हैं. मंत्रालय के अनुसार अब तक 2900 से ज्यादा अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की घटनाएं सामने आ चुकी हैं. MEA ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत बांग्लादेश में फ्री और फेयर चुनाव का समर्थन करता है. इसी नजरिए से तारिक रहमान की वापसी को भी देखा जाना चाहिए. विदेश मंत्रालय ने दोहराया कि भारत क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और लोकतांत्रिक मूल्यों के पक्ष में मजबूती से खड़ा है.



