Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • छत्तीसगढ़ -जनरेशन कंपनी के गारे पेलमा सेक्टर-III कोयला खदान को मिला राष्ट्रीय स्तर पर 5-स्टार रेटिंग
    • आधुनिक खेती का नया अध्याय: अब सहकारी समितियों के जरिए किसानों को मिलेगी ‘ड्रोन स्प्रेयर’ की सुविधा
    • श्वेत क्रांति से संवरती ग्रामीण तकदीर: धमतरी में सहकारिता और महिला नेतृत्व से लिखी जा रही आत्मनिर्भरता की नई गाथा
    • सीसीटीएनएस को और सशक्त बनाने उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक
    • भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र को नई गति दे रही सरकार की नीतियां और उद्योग का सहयोग : संदीप कुमार सेन
    • मुनिराज के ओजस्वी वचनों ने किया मुग्ध अष्टान्हिका महापर्व: देव-शास्त्र-गुरु की आराधना से गूंजा बड़ा मंदिर…
    • बिलासपुर में भीषण सड़क हादसा:ओवरस्पीड के कारण पलटा 19 लोगों से भरा ट्रैक्टर, दो की मौत, 5 की हालत गंभीर…
    • विधायक भावना बोहरा ने इन्दौरी क्षेत्र में 1.07 करोड़ के विकास कार्यों का किया भूमिपूजन-लोकार्पण…
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Tuesday, July 21
    • खानपान-सेहत
    • फीचर
    • राशिफल
    • लेख-आलेख
    • व्यापार
    • बिलासपुर
    • रायपुर
    • भिलाई
    • राजनाँदगाँव
    • कोरबा
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Home»अजब गजब»कर्नाटक के मांड्या-मैसूर में खुदाई के दौरान मिली रावण की 35 से ज्यादा प्राचीन मूर्तियां,रामायण और महाभारत काल से कनेक्शन…
    अजब गजब

    कर्नाटक के मांड्या-मैसूर में खुदाई के दौरान मिली रावण की 35 से ज्यादा प्राचीन मूर्तियां,रामायण और महाभारत काल से कनेक्शन…

    chhattisgarhrajya.inBy chhattisgarhrajya.inJuly 21, 2026
    Facebook Twitter WhatsApp Email Telegram
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    कर्नाटक के मांड्या और मैसूर जिलों में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की खुदाई और रिसर्च के दौरान रावण की 35 से अधिक प्राचीन मूर्तियां मिली हैं. इस खोज ने इतिहासकारों को इसलिए चौंका दिया है क्योंकि मांड्या का ‘मुथथी’ क्षेत्र पौराणिक तौर पर भगवान राम, माता सीता और रामायण काल से जुड़ा हुआ है, जबकि पास के पांडवपुरा और कुंती बेट्टा का संबंध महाभारत काल के पांडवों से दर्ज है. ऐसे पारंपरिक रूप से भारतीय महाकाव्यों से जुड़े क्षेत्रों में एक साथ इतनी बड़ी संख्या में रावण की मूर्तियों का मिलना इस बात का साफ इशारा है कि प्राचीन काल में यहां के कुछ समुदायों में रावण के प्रति गहरी आस्था थी या उसकी पूजा की जाती थी.

    अलग-अलग जगहों पर खुदाई में मिली मूर्तियां

    सियासत डेली की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ASI ने मद्दूर, मलावल्ली और मांड्या तालुकों में खुदाई करके करीब 15 से 20 रावण की मूर्तियां बरामद की हैं. ठीक इसी समय प्राचीन इतिहास और पुरातत्व विद्वान प्रोफेसर एन.एस. रंगराजू ने भी अपने स्वतंत्र रिसर्च के दौरान मलावल्ली, बन्नूर और टी. नरसीपुरा से करीब 15-20 और प्राचीन मूर्तियां ढूंढ निकाली हैं. इतिहासकारों का कहना है कि अलग-अलग उत्खनन स्थलों से इतनी मूर्तियां मिलना यह साबित करता है कि सदियों पहले इस इलाके में रावण के प्रति सम्मान की एक क्षेत्रीय धार्मिक परंपरा और सांस्कृतिक विविधता मौजूद थी.

    कार्बन डेटिंग से पता चलेगा कितनी पुरानी मूर्तियां हैं

    अब इन सभी मूर्तियों की सटीक उम्र और एक्चुअल हिस्टोरिकल कॉन्टेक्स्ट का पता लगाने के लिए इनकी इन डेप्थ साइंटिफिक इन्वेस्टिगेशनगहन, शिलालेख एनालिसिस और कार्बन डेटिंग की जा रही है. पुरातत्वविदों ने कहा है कि इस क्षेत्र के छिपे हुए इतिहास को पूरी तरह समझने के लिए आगे और खुदाई व डॉक्यूमेंटेशन करना बेहद जरूरी है, ताकि यह पता चल सके कि क्या जमीन के नीचे ऐसी और भी मूर्तियां या कलाकृतियां दबी हुई हैं?

    मांड्या का पुराना रावण कनेक्शन और इतिहास

    आपको बता दें कि मांड्या जिले में रावण का मिलना कोई पहली घटना नहीं है. इसी जिले के मालवल्ली तालुक के निदघट्टा (Nidaghatta) गांव में रावण का एक प्राचीन मंदिर पहले से मौजूद है, जहां स्थानीय लोग सदियों से रावण को एक महान राजा और शिवभक्त मानकर पूजते हैं. 

    इतिहासकारों के मुताबिक, दक्षिण भारत की कई क्षेत्रीय परंपराओं में रावण की बुद्धिमत्ता, वेदों के ज्ञान और संगीत कला के कारण उसका गहरा सम्मान किया जाता रहा है. यही वजह है कि रामायण कालीन महत्व रखने वाले ‘मुथथी’ क्षेत्र (जहां मान्यता है कि हनुमान जी ने माता सीता की खोई हुई नथ ढूंढने के लिए कावेरी नदी को मथा था) के आस-पास इतनी बड़ी संख्या में इन मूर्तियों का मिलना इतिहास की कड़ियों को आपस में जोड़ता है. 

    वैज्ञानिकों का मानना है कि इस खोज के बाद अब दक्षिण भारत में प्राचीन काल के सांस्कृतिक और धार्मिक इतिहास के कई नए पन्ने खुलेंगे.

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email
    chhattisgarhrajya.in
    chhattisgarhrajya.in
    • Website

    Related Posts

    दुनिया का इकलौता ज्वालामुखी, जिससे निकलता है नीला लावा!

    July 20, 2026

    पुलिस की नौकरी छोड़ बनाने लगी गंदी फिल्में, कमाई से खरीदी Audi…

    July 20, 2026

    ATM में ही सो गया युवक,SBI ATM के अंदर 2-2 AC की ठंडी हवा में बिना चादर ताने, मजे से काटी पूरी रात!

    July 17, 2026

    Address - Gayatri Nagar, Near Ashirwad Hospital, Danganiya, Raipur C.G.

    Chandra Bhushan Verma
    Owner & Editor
    Mobile - 9826237000 Email - chhattisgarhrajya.in@gmail.com
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    • Terms and Conditions
    • Disclaimer
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.