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एक दिन सत्ता बदलेगी, हम पश्चिम बंगाल का नाम बदलवाएंगे-ममता

कोलकाता: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार ने पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों से पहले तटीय राज्य केरल का नाम केरलम करने को मंजूरी प्रदान कर दी है। केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में नए नाम को स्वीकृति दी गई। केरल का नाम केरलम होने पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुस्सा जाहिर करते हुए केंद्र को निशाने पर लिया है। ममात बनर्जी ने बंगाल के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि एक दिन सत्ता बदलेगी और हम पश्चिम बंगाल का नाम बदलवाएंगे। ममता बनर्जी के इस बयान से के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा छिड़ी है कि क्या तृणमृल कांग्रेस चुनावों में इस मुद्दा तो नहीं बनाएगी, क्योंकि ममता बनर्जी पहले से ही राज्य में बांग्ला अस्मिता वाला कार्ड ही खेल रही हैं।

केंद्र के पास लंबित है प्रस्ताव
केरल की पिनराई विजयन सरकार ने विधानसभा में प्रस्ताव को पारित करके मंजूरी के लिए केंद्र को भेजा था। इस पर केंद्रीय कैबिनेट ने निर्णय ले लिया है। ममता बनर्जी का कहना है कि बंगाल विधानसभा ने राज्य का नाम बांग्ला करने का प्रस्ताव दो बार पारित किया, लेकिन केंद्र ने अब तक मंजूरी नहीं दी। ममता बनर्जी की अगुवाई वाली राज्य सरकार पश्चिम बंगाल का नाम बांग्ला करना चाहती है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार ने जुलाई 2018 में पश्चिम बंगाल का नाम बदलकर ‘बांग्ला’ करने के लिए एक प्रस्ताव पास किया था और इसे कई बार केंद्र सरकार को भेजा था। केरल का नाम केरलम करने के बाद यह मामला अब प्रकाश में आ गया है।

भड़क गईं ममता बनर्जी
ममता बनर्जी ने कहा कि बंगाल के जायज अधिकारों को हमेशा नकारा गया है। हमने अपनी विधानसभा में बिल पास किया है और इसे कई बार केंद्र सरकार को भेजा है, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। हमें मीटिंग के दौरान लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है क्योंकि राज्य का नाम ‘W’ से शुरू होता है। ममता बनर्जी की नाराजगी ऐसे वक्त पर सामने आई है जब केरल की तरह ही पश्चिम बंगाल भी विधानसभा चुनावों की दहलीज पर खड़ा है। पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की टीएमसी जीत की हैट्रिक लगाने के लिए चौथी जीत की उम्मीद कर रही है तो वहीं बीजेपी को उम्मीद है कि राज्य में मुख्य विपक्षी दल बनने के बाद अब सत्ता में आ सकती है।

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