क्राइम

एक महीने के बच्चे का 1.5 लाख रूपए में सौदा, पुलिस ने माता-पिता और खरीदारों को किया गिरफ्तार

मेडक, तेलंगाना में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। एक आदिवासी माता-पिता ने अपने एक महीने के नवजात बच्चे को 1.5 लाख रूपए में बेच दिया। यह मामला मेडक जिले के हवेली घनपुर मंडल के लिंगासनिपल्ली थांडा की है, जहाँ 25 वर्षीय केतावथ मंजुला ने इसी साल 10 फरवरी को मेडक मातृ एवं शिशु देखभाल केंद्र में बेटे को जन्म दिया। जन्म के करीब एक महीने में ही उसने अपने पति महेश के साथ मिलकर अपने बच्चे को कामारेड्डी जिले के भिकनूर मंडल के कांचेरला गांव के नागाराजू और उसकी पत्नी स्वप्ना को बेच दिया।

5 लाख की थी डिमांड, फिर डेढ़ लाख में हुआ सौदा

मंजुला और महेश की मुलाकात नागाराजू और स्वप्ना से 4 मार्च को मेडक में हुई। इसके बाद उन्होंने बच्चे के सौदे की बात की। शुरुआत में मंजुला और महेश ने 5 लाख रूपए की डिमांड की, लेकिन फिर डेढ़ लाख में सौदा हुआ। 4 मार्च को ही मेडक के शालीपेट गांव में स्टाम्प पेपर पर लिखित समझौता कर मंजुला और महेश ने अपने बच्चे को नागाराजू और स्वप्ना को बेच दिया। इसके बाद दोनों ने उस बच्चे को अपने रिश्तेदारों नरसोला राजू और उसकी पत्नी रजिथा को सौंप दिया, जो कामारेड्डी जिले के भिकनूर मंडल में कंचेरला गांव में रहते हैं।

पुलिस ने किया गिरफ्तार

आंगनवाड़ी में मंजुला की अनुपस्थिति से आईसीडीएस पर्यवेक्षक पारला विजयलक्ष्मी को शक हुआ क्योंकि उनके घर पर ताला लगा मिला। पड़ोसियों ने बताया कि मंजुला और महेश अपने रिश्तेदारों के पास चले गए। बाद में चेगुंटा में जब उन्हें बिना बच्चे के बिना देखा गया , तो इस बारे में विजयलक्ष्मी को सूचित किया गया। विजयलक्ष्मी ने हवेली घनपुर पुलिस के साथ जाकर दोनों से इस बारे में पूछताछ की और इसी दौरान दोनों ने बच्चा बेचने की बात कबूल की। मेडक डीएसपी प्रसन्ना कुमार ने बताया कि इस मामले में पुलिस ने बच्चे के माता-पिता, मध्यस्थों और खरीदारों को गिरफ्तार कर लिया। वहीँ बच्चे को कामारेड्डी से मेडक के सखी केंद्र में भेज दिया गया।

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