दंतेवाड़ा- छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा जिले में अब एक नई तस्वीर उभरती दिख रही है। 22 अप्रैल को यहां क्रिकेट के दिग्गज सचिन तेंदुलकर का आगमन होने जा रहा है, जिसे लेकर पूरे इलाके में उत्साह का माहौल है। उनका यह दौरा सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि बदलाव और विकास की नई दिशा का प्रतीक माना जा रहा है।
बता दे कि क्रिकेट के दिग्गज सचिन तेंदुलकर दंतेवाड़ा आयेगे इसी मौके पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी मौजूद रहेगें। छिंदनार, पनेड़ा और जावंगा के कई कार्यक्रमों को करेगे संबोधित। नक्सल मुक्त दंतेवाड़ा में खेल और शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा मिलेगा, और पनेड़ा में क्रिकेट स्टेडियम का करेंगे उद्घाटन।
दंतेवाड़ा पहली बार आएंगे सचिन तेंदुलकर
क्रिकेट की दुनिया में ‘मास्टर ब्लास्टर’ के नाम से मशहूर सचिन तेंदुलकर 22 अप्रैल को पहली बार अपने परिवार के साथ दंतेवाड़ा पहुंच रहे हैं. नक्सल प्रभावित रहे इस जिले को अब खेल के माध्यम से एक नई पहचान देने की कोशिश की जा रही है. इस मौके पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी उनके साथ मौजूद रहेंगे.
नए खेल मैदानों का करेंगे उद्घाटन
अपने दौरे के दौरान सचिन तेंदुलकर छिंदनार, जावंगा और पनेड़ा में बनाए गए नए खेल मैदानों का उद्घाटन करेंगे. सरकार और प्रशासन की कोशिश है कि यहां के बच्चों और युवाओं को खेल से जोड़ा जाए और उनकी प्रतिभा को आगे बढ़ने का मंच मिले.
मड्डाराम… हौसले और जुनून की मिसाल
इन सबके बीच सबसे खास नाम है मड्डाराम कवासी का. दंतेवाड़ा के कटेकल्याण ब्लॉक के बेंगलुरु गांव के रहने वाले मड्डाराम जन्म से ही पोलियो के कारण दोनों पैरों से दिव्यांग हैं. लेकिन उनकी यह शारीरिक कमी कभी उनके सपनों के रास्ते में नहीं आई. क्रिकेट के प्रति उनका जुनून ऐसा है कि हर कोई इसे देखकर हैरान रह जाता है.
साल 2020 में मड्डाराम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया था, जिसे खुद सचिन तेंदुलकर ने साझा किया था. सचिन ने मड्डाराम के जज्बे और मेहनत की तारीफ करते हुए कहा था कि यह सच्ची प्रेरणा है. बस यही एक वीडियो मड्डाराम के जीवन का टर्निंग पॉइंट बन गया और वह पूरे देश में पहचाने जाने लगे.
साल 2020 में मड्डाराम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया था, जिसे खुद सचिन तेंदुलकर ने साझा किया था. सचिन ने मड्डाराम के जज्बे और मेहनत की तारीफ करते हुए कहा था कि यह सच्ची प्रेरणा है. बस यही एक वीडियो मड्डाराम के जीवन का टर्निंग पॉइंट बन गया और वह पूरे देश में पहचाने जाने लगे.
छिंदनार में उत्साह, गांव बना उत्सव स्थल
इंद्रावती नदी के किनारे बसे छिंदनार गांव में इन दिनों अलग ही रौनक देखने को मिल रही है। जहां कभी नक्सल गतिविधियों की छाया रहती थी, वहां अब रंग-रोगन, सजावट और तैयारियों की चहल-पहल नजर आ रही है। ग्रामीणों और बच्चों में खासा उत्साह है, क्योंकि पहली बार वे इतने बड़े खिलाड़ी को अपने बीच देखने वाले हैं।
आधुनिक खेल मैदान बनेगा युवाओं की ताकत
छिंदनार गांव में तैयार किया गया मल्टी स्पोर्ट्स ग्राउंड अब इस पूरे कार्यक्रम का केंद्र बना हुआ है। इसे सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन और मालदेशी चैम्पियन संस्था द्वारा विकसित किया गया है। इस मैदान में एक साथ कई खेलों की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिससे स्थानीय युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का बेहतर मंच मिलेगा। कबड्डी, वॉलीबॉल, बैडमिंटन और क्रिकेट जैसे 16 खेलों के साथ फिटनेस के लिए भी विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।
उद्घाटन के साथ बच्चों से खास मुलाकात
अपने दौरे के दौरान सचिन तेंदुलकर इस खेल मैदान का उद्घाटन करेंगे और बच्चों के साथ समय बिताएंगे। वे न केवल उनका हौसला बढ़ाएंगे, बल्कि अपने अनुभव साझा कर उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा भी देंगे। ग्रामीण बच्चों के लिए यह अवसर बेहद खास रहने वाला है।
गीदम और जावंगा में भी कई कार्यक्रम
छिंदनार के बाद सचिन गीदम क्षेत्र के पनेड़ा ग्राउंड का लोकार्पण करेंगे। इसके अलावा जावंगा एजुकेशन सिटी में छात्रों के साथ संवाद कार्यक्रम भी तय किया गया है, जहां वे अपने जीवन के संघर्ष और सफलता की कहानी साझा करेंगे।
नक्सल क्षेत्र में बदलती तस्वीर
दंतेवाड़ा, जो कभी नक्सल घटनाओं के लिए जाना जाता था, अब विकास और सकारात्मक बदलाव की ओर बढ़ रहा है। खेल और शिक्षा के जरिए यहां के युवाओं को नई दिशा देने की कोशिशें तेज हो गई हैं। सचिन तेंदुलकर का यह दौरा इस बदलाव को और मजबूत करने वाला कदम माना जा रहा है। यह कार्यक्रम सिर्फ एक उद्घाटन नहीं, बल्कि दंतेवाड़ा के लिए नई सोच और नए सपनों की शुरुआत है।
हाल ही में सचिन का परिवार आया था बिलासपुर
पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर का परिवार 8 अप्रैल को बिलासपुर पहुंचा था। जहां उन्होंने गनियारी के स्वास्थ्य केंद्र का दौरा किया और ग्रामीण इलाके में समय बिताया। इस दौरान परिवार ने बच्चों और मरीजों से मुलाकात की, वहीं गांव में पैदल घूमकर लोगों से बातचीत भी की थी। इस दौरान परिवार का बेहद सहज और मानवीय पक्ष सामने आया। सचिन के परिवार के सदस्यों ने बच्चों के साथ समय बिताया, उनसे बातें कीं और स्थानीय माहौल में घुल-मिल गए। एक नवजात शिशु को गोद में लेकर स्नेह जताने का दृश्य भी लोगों के दिल को छू गया था। यह दौरा भले ही लो-प्रोफाइल था, लेकिन इसमें सादगी, संवेदनशीलता और समाज के प्रति जुड़ाव साफ नजर आया था तेंदुलकर परिवार अचानकमार क्षेत्र के छपरवा-बम्हनी गांव पहुंचा था। शहर की चकाचौंध से दूर, परिवार ने गांव की सादगी को करीब से महसूस किया।

