डीएमके विधायक अनिता आर राधाकृष्णन को शनिवार को ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट चिदंबरम ने जमानत दे दी। उन पर आरोप था कि उन्होंने 20 जून को एक पब्लिक मीटिंग के दौरान तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी विजय जोसेफ के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की थी। इस मामले में उन्हें शुक्रवार को अथूर पुलिस स्टेशन में दर्ज एक केस के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था।
उन्होेंने अपनी गिरफ्तारी के बाद मीडिया से बातचीत में दावा किया था कि यह कार्रवाई राजनीतिक दबाव बनाने की सोची-समझी साजिश का हिस्सा है। उन्होंने आरोप लगाया कि TVK के कुछ सदस्य उन्हें विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने का दबाव बना रहे। वे चाहते हैं कि पार्टी छोड़कर मैं TVK में शामिल हो जाऊं। उन्होंने दावा किया कि वे यदि DMK छोड़ देते हैं तो उन्हें पूरा समर्थन देने का वादा किया गया था।
उन्होंने एमके स्टालिन के प्रति अपनी निष्ठा दोहराते हुए कहा, ‘मैं DMK में ही बना रहूंगा और पार्टी छोड़ने का कोई सवाल ही नहीं है। मैं किसी भी दबाव के आगे नहीं झुकूंगा।’ उन्होंने यह भी कहा कि उनका राजनीतिक जीवन दशकों की पार्टी सेवा का परिणाम है, न कि धन के बल पर बना है।
विधायक के खिलाफ किन धाराओं में केस?
विधायक अनिता आर राधाकृष्णन के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 352 और 353(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन पर ऐसे बयान देने का आरोप है, जिनसे शांति भंग होने की आशंका पैदा हो सकती है। राधाकृष्णन का आरोप है कि उन्होंने पहले ही पुलिस को सूचित कर दिया था कि वह धारा 41ए के नोटिस का पालन करते हुए 10 जुलाई को पूछताछ के लिए उपस्थित होंगे। इसके बावजूद पुलिस ने इस प्रक्रिया को दरकिनार करते हुए उन्हें तुरंत गिरफ्तार कर लिया, ताकि उन्हें डराया-धमकाया जा सके।
बता दें कि डीएमके विधायक ने कार्यक्रम के दौरान तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय के खिलाफ भड़काऊ बयान दिया था। इसके बाद उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया था. हाई कोर्ट द्वारा अग्रिम जमानत से इनकार के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया था। एक रिपोर्ट के मुताबिक, राधाकृष्णन ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी विजय जोसेफ के लुक और फिल्म इंडस्ट्री से राजनीति में आने का मजाक उड़ाया था।

