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आईसीएआर–निब्सम में स्वच्छता जागरूकता दिवस पर अपशिष्ट प्रबंधन पर संगोष्ठी, ‘कचरे से संपदा’ पर जोर

स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सतत संसाधन प्रबंधन के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराते हुए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद–राष्ट्रीय जैविक तनाव प्रबंधन संस्थान (आईसीएआर–निब्सम), रायपुर में स्वच्छता जागरूकता दिवस के अवसर पर “कचरे से संपदा में परिवर्तन” और “सभी प्रकार के अपशिष्टों का सुरक्षित निपटान” विषय पर एक जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्यों के अनुरूप आयोजित किया गया।
संगोष्ठी का उद्देश्य वैज्ञानिकों, अधिकारियों, विद्यार्थियों और कर्मचारियों को सतत एवं वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन पद्धतियों के प्रति जागरूक करना तथा पर्यावरण के अनुकूल व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम में अपशिष्ट को मूल्यवान संसाधनों में बदलने, प्रदूषण को कम करने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर विशेष बल दिया गया।
कार्यक्रम में तकनीकी व्याख्यान अमिटी इंस्टिट्यूट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी, अमिटी विश्वविद्यालय छत्तीसगढ़ की सहायक प्राध्यापक डॉ. अमिता शाक्य ने दिया। उन्होंने कृषि-खाद्य प्रसंस्करण अपशिष्टों के प्रभावी प्रबंधन की संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए बायोचार जैसी नवाचारी तकनीकों की उपयोगिता बताई। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक अपशिष्ट रूपांतरण न केवल पर्यावरण संरक्षण में सहायक है, बल्कि मृदा स्वास्थ्य में सुधार और परिपत्र अर्थव्यवस्था (सर्कुलर इकोनॉमी) को भी बढ़ावा देता है।
अतिथि वक्ता का औपचारिक स्वागत डॉ. श्रावणी सान्याल द्वारा किया गया। उन्होंने इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों को संस्थानों में स्वच्छता और जिम्मेदार अपशिष्ट निपटान की संस्कृति विकसित करने के लिए आवश्यक बताया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता आईसीएआर–निब्सम के निदेशक डॉ. पी. के. राय ने की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि प्रभावी अपशिष्ट प्रबंधन सतत विकास का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है और प्रत्येक व्यक्ति की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने संस्थान के सभी सदस्यों से स्वच्छता, अपशिष्ट न्यूनीकरण और पुनर्चक्रण को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
संगोष्ठी का समन्वयन डॉ. पंकज शर्मा, नोडल अधिकारी द्वारा किया गया। उन्होंने स्वच्छता जागरूकता दिवस के उद्देश्यों और संस्थान की पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी पहलों की जानकारी दी।
कार्यक्रम में वैज्ञानिकों, अधिकारियों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता की और स्वच्छता, सुरक्षित अपशिष्ट निपटान तथा संसाधन संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। कार्यक्रम का समापन स्वच्छ और हरित भविष्य के लिए सामूहिक प्रयास के संकल्प के साथ हुआ।

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