Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, किसानों को मिलेगी बड़ी सौगात
    • छत्तीसगढ़ में श्रम आधारित उद्योगों को बढ़ावा देकर युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित कर रही सरकार : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
    • खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में नवाचारी उद्यम स्थापित कर रोजगार प्रदाता बनें युवाः डॉ. चंदेल
    • कृषि मंत्री श्री नेताम के सख्त निर्देश- रबी 2025 के अंतर्गत किसानों के लंबित फसल बीमा क्लेम का आगामी तीन कार्य दिवस में होगा भुगतान
    • मेरठ सांप कांड क्या था? मुस्कान-साहिल की तर्ज पर कोर्ट ने रविता-अमरदीप को सुनाई फांसी की सजा
    • दिल्ली: तिरंगा मार्च से पहले CJP संस्थापक अभिजीत दिपके पुलिस हिरासत में, धारा 163 और अदालत की पुरानी शर्तों का दिया हवाला 
    • पीएम आवास निर्माण में गड़बड़ी और गरीबों के हक की राशि में हेराफेरी कतई बर्दाश्त नहीं, दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई – उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा
    • मुंबई में गरबा देख भावुक हुई विदेशी लड़की, बोली- भारत छोड़ने के बाद इन पलों को बहुत याद करूंगी
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Saturday, October 17
    • खानपान-सेहत
    • फीचर
    • राशिफल
    • लेख-आलेख
    • व्यापार
    • बिलासपुर
    • रायपुर
    • भिलाई
    • राजनाँदगाँव
    • कोरबा
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Home»छत्तीसगढ़»सेवा की कहानी -बूंद-बूंद सहेजकर जल सुरक्षा की राह पर ‘मुल्ले’
    छत्तीसगढ़

    सेवा की कहानी -बूंद-बूंद सहेजकर जल सुरक्षा की राह पर ‘मुल्ले’

    chhattisgarhrajya.inBy chhattisgarhrajya.inSeptember 27, 2026
    Facebook Twitter WhatsApp Email Telegram
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    विकसित भारत जीरामजी योजना से सेंड फिल्टर निर्माण ने दी भूजल को संजीवनी

    ग्रामीणों को मिला स्थानीय रोजगार
    ​
    रायपुर- “जल है तो जीवन है”—यह पंक्तियाँ धमतरी जिले के कुरुद विकासखंड स्थित ग्राम पंचायत मुल्ले के लिए केवल एक नारा नहीं, बल्कि ग्रामीण जीवन और अर्थव्यवस्था की बुनियाद बन चुकी हैं। वर्षा आधारित इस क्षेत्र में जल की एक-एक बूंद को सहेजने के संकल्प के साथ 'सेवा संकल्प अभियान' के अंतर्गत विकसित भारत जीरामजी योजना से जल स्रोतों में सेंड फिल्टर (Sand Filter) का सफल निर्माण कराया गया है। यह पहल वर्षा एवं सतही जल के कुशल प्रबंधन, भूजल पुनर्भरण और स्थानीय रोजगार सृजन की दिशा में एक अनुकरणीय मॉडल बनकर उभरी है।

    प्राकृतिक छनन तकनीक से बहते पानी का जतन

    ​वर्षाकाल में खेतों और गलियों से बहकर व्यर्थ चले जाने वाले पानी को उपयोगी बनाने के उद्देश्य से गाँव में सेंड फिल्टर की स्थापना की गई है। इस संरचना में रेत और प्राकृतिक छनन माध्यमों का उपयोग किया जाता है, जो जल के साथ बहकर आने वाली मिट्टी, गाद और अन्य ठोस अशुद्धियों को प्रभावी ढंग से रोकते हैं। इससे स्वच्छ जल जमीन के भीतर समाकर भूजल स्तर को बढ़ाने में मदद करता है। सीमित संसाधनों में तैयार यह छोटी संरचना भविष्य की जल संपदा को सुरक्षित करने की एक मजबूत नींव साबित हो रही है।

    52 हजार की लागत में दोहरा लाभ: जल संरक्षण के साथ रोजगार

    ​ग्राम मुल्ले में इस सेंड फिल्टर का निर्माण 52 हजार रुपये की स्वीकृत लागत से सफलतापूर्वक पूरा किया गया, जिसमें सामग्री के लिए 41 हजार रुपये तथा मजदूरी के लिए 11 हजार रुपये निर्धारित थे। निर्माण कार्य पूर्ण होने पर कुल 52 हजार रुपये व्यय हुए, जिसमें से 10,500 रुपये मजदूरी मद में खर्च किए गए। इस कार्य की सबसे खास बात यह रही कि इसमें गाँव के ही श्रमिकों की भागीदारी सुनिश्चित की गई, जिससे ग्रामीणों को अपने ही क्षेत्र में रोजगार और आय का साधन प्राप्त हुआ।

    कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती

    ​कृषि प्रधान ग्राम मुल्ले की अर्थव्यवस्था सीधे तौर पर जल की उपलब्धता पर निर्भर है। ऐसे में सेंड फिल्टर के ज़रिए भूजल स्तर में सुधार होने से आने वाले समय में सिंचाई और पेयजल व्यवस्था को निरंतरता मिलेगी, जिसका सीधा सकारात्मक असर किसानों की आय और फसल उत्पादन पर पड़ेगा।

    बदलाव की बयार: ‘आज का संरक्षण, कल की सुरक्षा’

    ​इस पहल ने ग्रामीणों की सोच में भी बड़ा बदलाव लाया है। अब गाँव के लोग वर्षा जल को केवल एक तात्कालिक जरूरत नहीं, बल्कि भविष्य के लिए संजोने योग्य प्राकृतिक धरोहर मान रहे हैं। मुल्ले गाँव का यह प्रयास यह संदेश देता है कि जल सुरक्षा की जंग केवल बड़ी-बड़ी परियोजनाओं से ही नहीं, बल्कि सामुदायिक भागीदारी से किए गए छोटे-छोटे प्रयासों से भी जीती जा सकती है। आज सहेजी जा रही यही एक-एक बूंद आने वाले कल में गाँव की जीवनरेखा बनेगी।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email
    chhattisgarhrajya.in
    chhattisgarhrajya.in
    • Website

    Related Posts

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, किसानों को मिलेगी बड़ी सौगात

    October 16, 2026

    छत्तीसगढ़ में श्रम आधारित उद्योगों को बढ़ावा देकर युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित कर रही सरकार : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

    October 16, 2026

    खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में नवाचारी उद्यम स्थापित कर रोजगार प्रदाता बनें युवाः डॉ. चंदेल

    October 16, 2026

    Address - Gayatri Nagar, Near Ashirwad Hospital, Danganiya, Raipur C.G.

    Chandra Bhushan Verma
    Owner & Editor
    Mobile - 9826237000 Email - chhattisgarhrajya.in@gmail.com
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    • Terms and Conditions
    • Disclaimer
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.