Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • असम के बाढ़ प्रभावितों की सहायता के लिए छत्तीसगढ़ सरकार देगी 5 करोड़ रुपये
    • कबीरधाम:तीन बहनों ने एक साथ पास की नीट परीक्षा, डिप्टी सीएम शर्मा ने घर पहुंचकर दी बधाई…
    • शिक्षा की राह में छोटा-सा योगदान, बच्चों के सपनों को नई उड़ान : मंत्री श्री राजेश अग्रवाल
    • UPI उपयोगकर्ताओं से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा
    • Gen Z एक ऐसी ताकत, जिसे नहीं किया जा सकता नजरअंदाज : धर्मेंद्र प्रधान
    • RSS के खिलाफ लीगल एक्शन के लिए स्टडी कर रही कर्नाटक सरकार : प्रियांक खरगे
    • थलपति विजय का शादी पर खुलासा, नहीं थी लव मैरेज, मां और पिता ने चुना था लाइफ पार्टनर
    • असम में बाढ़ से हर बार बन रहे ऐसे हालात, हर मॉनसून में मदद का मोहताज नहीं रह सकता
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Sunday, August 9
    • खानपान-सेहत
    • फीचर
    • राशिफल
    • लेख-आलेख
    • व्यापार
    • बिलासपुर
    • रायपुर
    • भिलाई
    • राजनाँदगाँव
    • कोरबा
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Home»छत्तीसगढ़»बिहान योजना से आत्मनिर्भरता की मिसाल बनीं शकुन्तला शार्दुल
    छत्तीसगढ़

    बिहान योजना से आत्मनिर्भरता की मिसाल बनीं शकुन्तला शार्दुल

    chhattisgarhrajya.inBy chhattisgarhrajya.inNovember 11, 2025
    Facebook Twitter WhatsApp Email Telegram
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

     यह कहानी इस बात की मिसाल है कि अगर अवसर और मार्गदर्शन मिले तो महिलाएँ अपने जीवन की दिशा बदल सकती हैं।

    शकुन्तला वर्ष 2015 में अपने जिला कोण्डागांव के सिलेंदरी स्व-सहायता समूह से जुड़ीं। समूह के माध्यम से उन्होंने पहली बार लोन लेकर सेंटरिंग प्लेट का व्यवसाय शुरू किया, लेकिन अपेक्षित लाभ न मिलने पर उन्होंने दिशा बदली। असफलता से निराश होने के बजाय शकुन्तला ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने अपने पति के साथ मिलकर सब्जी की खेती शुरू करने का निर्णय लिया। समूह से मिले ऋण की मदद से उन्होंने खेत में बोरवेल करवाया, जिससे सिंचाई की सुविधा प्राप्त हुई। शुरुआत में उन्होंने मटर, बरबटी और भिंडी की खेती की, जो काफी सफल रही और अच्छा मुनाफा मिला। इस सफलता से उत्साहित होकर शकुन्तला ने पुनः बिहान योजना से लोन लेकर ड्रिप सिंचाई प्रणाली लगवाई। अब उन्होंने खेती को बड़े पैमाने पर विस्तार देते हुए बैंगन, टमाटर, भिंडी और मटर जैसी फसलों की बुआई शुरू की।

    आज शकुन्तला की मेहनत का फल यह है कि उनकी खेती से प्रत्येक सीजन में अच्छा मुनाफा हो रहा है। पहले जहाँ परिवार को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए संघर्ष करना पड़ता था, वहीं अब वही परिवार आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बन चुका है। शकुन्तला के पति खेती में उनका पूरा सहयोग करते हैं और उनका बेटा पढ़ाई कर रहा है। उन्होंने बताया कि सब्जियों की खेती से उन्हें अब लगभग 15 हजार रुपए मासिक आय प्राप्त हो रही है।

    बिहान योजना ने शकुन्तला शार्दुल जैसी हजारों ग्रामीण महिलाओं के जीवन में परिवर्तन की नई रोशनी जगाई है। इस योजना के माध्यम से महिलाएँ स्व-सहायता समूहों से जुड़कर छोटे-छोटे व्यवसाय, खेती, पशुपालन और हस्तशिल्प जैसे कार्यों के जरिए आर्थिक स्वावलंबन की ओर अग्रसर हो रही हैं। इससे न केवल उनकी आय बढ़ी है, बल्कि आत्मविश्वास और सामाजिक सम्मान भी हासिल हुआ है। 

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email
    chhattisgarhrajya.in
    chhattisgarhrajya.in
    • Website

    Related Posts

    असम के बाढ़ प्रभावितों की सहायता के लिए छत्तीसगढ़ सरकार देगी 5 करोड़ रुपये

    August 9, 2026

    कबीरधाम:तीन बहनों ने एक साथ पास की नीट परीक्षा, डिप्टी सीएम शर्मा ने घर पहुंचकर दी बधाई…

    August 9, 2026

    शिक्षा की राह में छोटा-सा योगदान, बच्चों के सपनों को नई उड़ान : मंत्री श्री राजेश अग्रवाल

    August 9, 2026

    Address - Gayatri Nagar, Near Ashirwad Hospital, Danganiya, Raipur C.G.

    Chandra Bhushan Verma
    Owner & Editor
    Mobile - 9826237000 Email - chhattisgarhrajya.in@gmail.com
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    • Terms and Conditions
    • Disclaimer
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.