SIR डेटा देख सिर पीट रहा चुनाव आयोग, महीने भर में पैदा हो गए एक महिला के 2 बच्चे

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों से पहले रह चले मतदाता सूची पुनरीक्षण के काम में अजीबोगरीब डेटा सामने आया है। इससे स्पेशल इंटेसिंव रिवीजन (SIR) की ड्यूटी में लगे अधिकारियों और कर्मचारियों को काफी मशक्तत करनी पड़ रही है। पश्चिम बंगाल में ड्राफ्ट वोटर लिस्ट पर दावों और आपत्तियों को निपटारा 21 फरवरी, 2026 तक किया जाना है। राज्य में मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 28 फरवरी को किया जाएगा। चुनाव आयोग को बंगाल में ऐसे भी मामले मिले हैं जहां पर दो बच्चों के जन्म के समय में बेहद कम अंतर है। पश्चिम बंगाल में अभी एक अनुमान के अनुसार करीब 32 लाख नाम अनमैप्ड श्रेणी में हैं। ये ऐसे मतदाता है जिनका नाम या उनके रिश्तेदार का नाम 2002 की मतदाता सूची में नहीं है।
एक महीने में दो बच्चों का जन्म
‘इकोनॉमिक टाइम्स’ की रिपोर्ट के अनुसार कोलकाता के दक्षिणी बाहरी इलाके मेटियाबुरूज इलाके में एक कपल के तीसरे और चौथे बच्चे (एसके इरशाद और शेख नौसेद) की जन्मतिथि में SIR के दौरान जमा किए गए एक महीने से भी कम का अंतर है। उनके डॉक्यूमेंट्स में उनकी जन्मतिथि 5 दिसंबर, 1990 और 1 जनवरी, 1991 लिखी है। चुनाव आयोग के अधिकारियों ने बताया कि परिवार के सभी दस सदस्यों की पहचान हो गई है। ऐसा लगता है कि उनके माता-पिता एक ही हैं। सुनवाई के दौरान जमा किए गए सभी दस गिनती फॉर्म और डॉक्यूमेंट्स में एसके अब्दुल है का नाम पिता के तौर पर लिखा गया था, जबकि मनोवारा बीबी का नाम लगातार मां के तौर पर लिखा गया था। पिता का नाम अब्दुल है। दस बच्चों में से चार का जन्म 1 जनवरी को हुआ था। दसों एक ही घर के निवासी हैं, जो एक ही इलाके में आता है।
दो दिन पहले बना बर्थ सर्टिकिकेट
एक और मामले में नॉर्थ 24 परगना जिले के बारानगर में एक व्यक्ति का बर्थ सर्टिफिकेट दो दिन पहले जारी किया गया था। एक वोटर SIR 2002 के साथ पांच साल की उम्र में मैप किया गया, जबकि दूसरा 13 साल का पाया गया। आयोग ने सुनवाई में पाया कि पपील सरकार ने जो बर्थ सर्टिफिकेट जमा किया था। उसमें तारीख 6 मार्च, 1908 लिखी थी, लेकिन उनका बर्थ सर्टिफिकेट उनके जन्म से दो दिन पहले 4 मार्च, 1993 को रजिस्टर हुआ था। सूत्रों ने कहा कि केस वेरिफिकेशन के लिए इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ERO) को भेजा जाएगा। इसे संबंधित हॉस्पिटल अथॉरिटी से भी वेरिफाई किया जाएगा। एक और मामले में पूर्बा बर्धा के मेमारी के अलंद दीन शेख की जन्मतिथि एन्यूमरेशन फॉर्म में X X/1987 लिखी गई है। इन सभी मामलों को वेरिफिकेशन के लिए ERO को भेजा गया है।



