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    Home»BREKING NEWS»सल्फर कोटेड यूरिया” को नाम दिया गया यूरिया गोल्ड
    BREKING NEWS

    सल्फर कोटेड यूरिया” को नाम दिया गया यूरिया गोल्ड

    chhattisgarhrajya.inBy chhattisgarhrajya.inFebruary 19, 2026
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    यूरिया गोल्ड के 40 किलो की बोरी में होगा 37 प्रतिशत नाइट्रोजन और 17 प्रतिशत सल्फर

    सारंगढ़ बिलाईगढ़ । भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने विगत 23 जनवरी को “ सल्फर कोटेड यूरिया” खाद की अधिसूचना जारी की गई है। यह  किसानों के लिए अच्छी खबर है। नई खाद 40 किलो की बोरी में उपलब्ध होगी। इसमें 37 प्रतिशत नाइट्रोजन और 17 प्रतिशत सल्फर होगा। सल्फर की मात्रा अधिक होने के कारण यह खाद पीले रंग की होगी, इसलिए इसका नाम “यूरिया गोल्ड” भी रखा गया है। फसलों को अच्छी पैदावार और ज्यादा उत्पादन के लिए कई तरह के पोषक तत्वों की जरूरत होती है।नाइट्रोजन पौधों की पत्तियों और तनों की बढ़वार में मदद करता है। सल्फर फसल में दाना भरने, तेल और प्रोटीन की मात्रा बढ़ाने में सहायक होता है। सरसों, मूंगफली, सोयाबीन, दालें, मिर्च, लहसुन और प्याज जैसी फसलों के लिए सल्फर बहुत जरूरी माना जाता है।

    कई सालों से किसान मुख्य रूप से यूरिया और एनपीके खाद का ज्यादा उपयोग कर रहे हैं, जिससे मिट्टी में सल्फर की कमी हो गई है। सल्फर की कमी से फसल कमजोर होती है और उत्पादन कम हो सकता है। यूरिया गोल्ड के उपयोग से नाइट्रोजन के साथ-साथ सल्फर भी मिलेगा, जिससे फसल मजबूत और उत्पादन बेहतर होने की उम्मीद है।

    कृषि विभाग ने किसानों से कहा है कि वे अपनी खेत की मिट्टी की जांच कराकर संतुलित और सही मात्रा में खाद का उपयोग करें। पराली न जलाएं, हरी खाद अपनाएं और फसल चक्र में दलहन-तिलहन फसलों को शामिल करें। विशेषज्ञों का मानना है कि संतुलित खाद के उपयोग से मिट्टी की सेहत सुधरेगी, उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की आय में भी बढ़ोतरी होगी।

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