गाजियाबाद से एक चौंकाने वाला हत्या का मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने अपनी नाबालिग बेटी की सुरक्षा के लिए में अपने ही लिव-इन पार्टनर की हत्या कर दी. इस वारदात को अंजाम देने में उसकी बहन ने भी साथ दिया. हत्या के बाद इसे आत्महत्या दिखाने की पूरी कोशिश की गई, लेकिन पुलिस ने महज 12 घंटे में पूरे मामले का पर्दाफाश कर दिया.
लिव-इन पार्टनर की बेरहमी से हत्या
दरअसल, ट्रोनिका सिटी इलाके में रहने वाली महिला ने अपनी बहन के साथ मिलकर लिव-इन पार्टनर जाकिर की हत्या कर दी. पुलिस के मुताबिक, पहले जाकिर के सिर पर डंडे से वार कर उसे बेहोश किया, फिर गमछे से गला घोंटकर उसकी जान ले ली. यह पूरी वारदात सुनियोजित तरीके से अंजाम दी गई.
हत्या के बाद दोनों आरोपियों ने मामले को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की. डंडे को छत पर पानी की टंकी के पीछे छिपा दिया, जबकि गमछे को पंखे पर इस तरह बांधा कि मामला खुदकुशी जैसा लगे. इतना ही नहीं, पंखे की पंखुड़ियों को भी मोड़ दिया, ताकि शक न हो.
12 घंटे में पुलिस ने खोला राज
पुलिस ने इस केस को गंभीरता से लेते हुए सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज और मैनुअल इनपुट की मदद से महज 12 घंटे में सच्चाई सामने ला दी. जांच के बाद दोनों महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया और हत्या में इस्तेमाल डंडा और गमछा भी बरामद कर लिया.
पूछताछ में महिला ने कबूला जुर्म
गिरफ्तार महिला ने पूछताछ में पूरा सच बता दिया. उसने बताया कि वह पिछले 4-5 साल से जाकिर को जानती थी और दोनों लिव-इन में रह रहे थे. करीब दो महीने पहले उसे शक हुआ कि जाकिर उसकी 13 साल की बेटी पर गलत नजर रखता है, जिसके बाद उसने उसे रास्ते से हटाने का फैसला कर लिया.
बहन के साथ मिलकर बनाया प्लान
महिला ने करीब 20 दिन पहले अपनी बहन को बुलाया और पूरी बात बताई. दोनों ने मिलकर हत्या की साजिश रची. 23 जून को उन्होंने अपना प्लान अमल में लाते हुए पहले बच्चों को बाहर भेजा और फिर मौका पाकर जाकिर की हत्या कर दी. हत्या के बाद महिला ने शोर मचाया और आसपास के लोगों को बुला लिया. इसके बाद उसने जाकिर के फोन से उसके भाई को कॉल कर कहा कि उसने आत्महत्या कर ली है. खुद को बचाने के लिए वह जाकिर को अस्पताल भी ले गई, जहां भी उसने यही कहानी दोहराई.
पुलिस कर रही आगे की कार्रवाई
ट्रोनिका सिटी पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है. पुलिस का कहना है कि मामले के हर पहलू की जांच की जा रही है, ताकि कोई भी तथ्य छूट न जाए.

