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जम्मू-कश्मीर में LoC के पास फिर दिखे संदिग्ध ड्रोन, सेना ने शुरू किया सर्च ऑपरेशन, इलाके में हाई अलर्ट

जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तानी ड्रोनों की सक्रियता के बाद सुरक्षा बलों ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है. साथ ही सांबा जिले के रामगढ़ सेक्टर और पुंछ के देगवार गांव में संदिग्ध ड्रोन देखे जाने के बाद सेना ने तलाशी अभियान शुरू किया है. सुरक्षा एजेंसियां सीमा पार से होने वाली किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर कड़ी नजर रख रही हैं. पिछले पांच दिनों में ड्रोन दिखने की यह तीसरी घटना है। इससे पहले, 13 जनवरी को जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में दो बार संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन देखे गए थे। इसके बाद सेना ने फायरिंग की थी। फायरिंग के बाद ड्रोन पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) की ओर लौट गए थे।

सेना के सूत्रों के मुताबिक, यह ड्रोन नियमित निगरानी के दौरान नजर आए। पुंछ में LoC पर पोस्ट के पास एक ड्रोन देखा गया। इसी तरह, रामगढ़ सेक्टर में इंटरनेशनल बॉर्डर पर एक और ड्रोन देखा गया। पाकिस्तान से लगी बॉर्डर पर सैनिक हाई अलर्ट पर हैं।

सेना प्रमुख के बयान के बाद बढ़ी हलचल
सीमा पर बढ़ी हुई सतर्कता ऐसे समय में आई है जब सेना प्रमुख जनरल द्विवेदी ने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में शुरू किया गया ऑपरेशन सिंदूर अभी तक जारी है और उन्होंने इस्लामाबाद को भविष्य में किसी भी दुस्साहस के खिलाफ चेतावनी दी है। सेना प्रमुख ने वार्षिक सेना दिवस प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर के बाद LoC के पार कम से कम 6 आतंकी कैंप और अंतरराष्ट्रीय सीमा के पार 2 कैंप अभी तक एक्टिव हैं। अगर कोई (गलत) कोशिश की जाती है तो कार्रवाई की जाएगी।

सेना प्रमुख ने क्या कहा था?

ऑपरेशन के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर को सटीकता के साथ प्लान और अंजाम दिया गया था। 7 मई को 22 मिनट की शुरुआत और 10 मई तक 88 घंटे तक चले ऑपरेशन के ज़रिए गहरे हमले करके, आतंकी ढांचे को खत्म करके और लंबे समय से चली आ रही न्यूक्लियर बयानबाजी को खत्म करके रणनीतिक सोच को बदल दिया गया। जनरल द्विवेदी ने कहा कि भारतीय सेना ने पहचाने गए नौ में से सात टारगेट को नष्ट कर दिया और बाद में पाकिस्तानी कार्रवाई का सही जवाब देने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने यह भी कहा कि बढ़े हुए तनाव के दौरान LoC और इंटरनेशनल बॉर्डर पर फायरिंग में पाकिस्तान सेना के करीब 100 जवान मारे गए। उन्होंने कहा कि पूरा देश सेना के साथ खड़ा है और कहा कि भविष्य में कोई भी जवाब पक्का और सभी सेवाओं के साथ मिलकर दिया जाएगा।

आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने मंगलवार को कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी है। भविष्य में किसी भी तरह के आतंकी या सैन्य दुस्साहस के लिए हम पूरी तरह तैयार हैं। भारत पूरी ताकत से जवाब देगा। जनरल द्विवेदी ने बताया कि बॉर्डर के पास 8 आतंकी कैंप अभी भी सक्रिय हैं। अगर कोई हरकत होती है तो एक्शन लिया जाएगा।

गुरुवार को ही सुरक्षा बलों ने जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के काकोरा गांव में एंटी-टेरर ऑपरेशन के दौरान करीब 3 किलो वजन का संदिग्ध IED बरामद किया। खुफिया सूचना के आधार पर तलाशी ली गई थी। बम निरोधक दस्ते ने जांच के बाद IED को सुरक्षित तरीके से नष्ट कर दिया।

देश में गणतंत्र दिवस को लेकर सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि इन ड्रोन्स का इस्तेमाल सीमा पर सेना की पोजिशन जानने या फिर आतंकियों के लिए हथियार और नशीले पदार्थ गिराने के लिए किया जा रहा है। सांबा के रामगढ़ सेक्टर में चक बबरल गांव के ऊपर शाम करीब 7.15 बजे ड्रोन जैसी चीज कुछ मिनट तक मंडराती दिखी। पुंछ में भी मनकोट सेक्टर में शाम 6.25 बजे तैन से टोपा की ओर ड्रोन जैसी एक और चीज जाती हुई देखी गई।

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