Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • गरीबों के नाम पर फर्जी कंपनियां और करोड़ों का खेल: कानपुर में 3200 करोड़ के महाघोटाले का मास्टरमाइंड को दबोचा
    • कर्नाटक के इस नाई का स्पेशल कस्टमर है एक बंदर
    • निर्माणाधीन बिल्डिंग में मिली दो लाश से ग्रेटर नोएडा इलाके में फैली सनसनी…
    • शिक्षक अभ्यर्थियों पर पुलिस का कहर, सम्राट सरकार पर भड़के मोदी के हनुमान चिराग पासवान
    • अमित शाह ने किया सुवेंदु अधिकारी के नाम का एलान, बंगाल को मिला नया सीएम, कल सुबह 11 बजे लेंगे शपथ
    • कोर्ट परिसर में डॉक्टर के परिजनों से मारपीट, डॉक्टरों का विरोध, हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं चरमराईं
    • पानीपत में घर की छत गिरने से बच्चे की मौत
    • कबाड़ में जान फूंक दी जशपुर के ‘वेस्ट टू बेस्ट’ इको पार्क ने, नवाचार और संरक्षण का बना छत्तीसगढ़ में मॉडल
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Saturday, May 9
    • खानपान-सेहत
    • फीचर
    • राशिफल
    • लेख-आलेख
    • व्यापार
    • बिलासपुर
    • रायपुर
    • भिलाई
    • राजनाँदगाँव
    • कोरबा
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Home»अंतर्राष्ट्रीय»ग्रीनलैंड पर तनाव, EU ने अमरीका के साथ प्रस्तावित व्यापार समझौते पर लगाई रोक
    अंतर्राष्ट्रीय

    ग्रीनलैंड पर तनाव, EU ने अमरीका के साथ प्रस्तावित व्यापार समझौते पर लगाई रोक

    chhattisgarhrajya.inBy chhattisgarhrajya.inJanuary 18, 2026
    Facebook Twitter WhatsApp Email Telegram
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    ब्रुसेल्स। ग्रीनलैंड मामले में अमेरिका और यूरोपीय संघ (EU) के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईयू ने अमेरिका के साथ प्रस्तावित व्यापार समझौते पर बातचीत रोक दी है। ईयू ने यह कदम डेनमार्क और संघ के कई देशों पर अमेरिका द्वारा आयात शुल्क लगाने की चेतावनी के बाद उठाया है। ईयू के नेताओं ने चेतावनी देते हुए कहा है कि ये आयात शुल्क संघ और अमेरिका के संबंधों को नुकसान पहुँचा सकते हैं। साथ ही, उन्होंने डेनमार्क और ग्रीनलैंड के प्रति अपना पूर्ण समर्थन दोहराते हुए इस बात पर जोर दिया कि संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता ऐसे सिद्धांत हैं जिन पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता।

    गौरतलब है कि जुलाई 2025 में प्रस्तावित समझौते को आयात शुल्क कम करने और द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के लिए तैयार किया गया था। हालांकि ग्रीनलैंड पर ट्रंप के रुख और और आयात शुल्क लगाने की उनकी चेतावनी के बाद संघ ने इस प्रस्तावित समझौते के अनुमोदन को रोकने का आह्वान किया है। ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर एक पोस्ट में धमकी दी है कि यदि ग्रीनलैंड को ‘पूरी तरह ‘ से अमेरिका को नहीं बेच दिया जाता, तो एक फरवरी 2026 से डेनमार्क, नॉर्वे, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन, नीदरलैंड और फिनलैंड पर 10 प्रतिशत आयात शुल्क लगाया जाएगा, जो 1 जून से बढ़कर 25 प्रतिशत हो जाएगा।

    ट्रंप ने ग्रीनलैंड के ‘रणनीतिक स्थान और खनिज संसाधनों को अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण’ बताते हुए चेतावनी दी, “एक फरवरी 2026 से, उपर्युक्त सभी देशों द्वारा अमेरिका को भेजे जाने वाले सभी सामानों पर 10 प्रतिशत आयात शुल्क लगाया जाएगा। एक जून 2026 को यह शुल्क बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर दिया जाएगा। यह तब तक लागू रहेगा, जब तक ग्रीनलैंड को खरीदने के लिए कोई समझौता नहीं हो जाता।”

    यूरोपियन पीपल्स पार्टी के उपाध्यक्ष सिगफ्राइड मूरसन और अन्य यूरोपीय अधिकारियों ने इसपर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह घोषणा उस स्थिरता को कमजोर करती है, जिसे सुनिश्चित करने के लिए यह व्यापार समझौता किया गया था। मूरसन ने कहा, “पिछले साल अमेरिका और यूरोपीय संघ के बीच हुए व्यापार समझौते से स्थिरता ही एकमात्र लाभ होता। राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा कई ईयू सदस्य देशों पर नए आयात लगाने की आज की घोषणा उस स्थिरता को छीन लेती है। यही कारण है कि उस व्यापार समझौते के अनुसमर्थन को स्थगित करना उचित है।”

    मूरसन ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “हमें पिछले जुलाई के ईयू-यूएस व्यापार समझौते को बहुत जल्द अनुमोदित करना था, जिससे अमेरिका से यूरोपीय संघ में होने वाले आयात पर आयात शुल्क शून्य हो जाता। हालांकि, हाल के घटनाक्रमों को देखते हुए इस मंजूरी के लिए थोड़ा और इंतजार करना होगा।” अमरीकी राष्ट्रपति राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए डेनमार्क के अर्ध-स्वायत्त क्षेत्र ग्रीनलैंड को हासिल करने पर आमादा हैं। हालांकि डेनमार्क और ग्रीनलैंड ने अपने ‘आत्मनिर्णय के अधिकार’ पर जोर देते हुए इस विचार को खारिज कर दिया है।

    बढ़ते तनाव के जवाब में, डेनमार्क ने ग्रीनलैंड में अपनी सैन्य उपस्थिति बढ़ा दी है, जबकि जर्मनी, स्वीडन, फ्रांस, नॉर्वे और नीदरलैंड ने भी छोटी सैन्य टुकड़ियां भेजी हैं। यूरोपीय नेताओं ने चेतावनी दी है कि ग्रीनलैंड पर कब्जा करने के किसी भी अमरीकी प्रयास का नाटो और अटलांटिक के दोनों ओर की सुरक्षा पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email
    chhattisgarhrajya.in
    chhattisgarhrajya.in
    • Website

    Related Posts

    WHO ने कहा-हंटावायरस यह कोविड जैसी महामारी की शुरुआत नहीं

    May 8, 2026

    डोनाल्ड ट्रंप को अमेरिकी कोर्ट ने फिर दिया झटका, 10% टैरिफ को बताया अवैध

    May 8, 2026

    ‘ईरान के परमाणु हथियार नहीं रहेंगे, वो खुश हों या नाराज’, पोप पर क्यों भड़क गए डोनाल्ड ट्रंप?

    May 7, 2026

    Address - Gayatri Nagar, Near Ashirwad Hospital, Danganiya, Raipur C.G.

    Chandra Bhushan Verma
    Owner & Editor
    Mobile - 9826237000 Email - chhattisgarhrajya.in@gmail.com
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    • Terms and Conditions
    • Disclaimer
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.