चक्रवर्ती सुलिबेले का विवादित बयान: धर्मांतरण के बजाय घर वापसी पर जोर
कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ जिले के मंगलुरु में हाल ही में एक हिंदू संगठन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में लेखक और हिंदू एक्टिविस्ट चक्रवर्ती सुलिबेले ने धर्मांतरण और लव जिहाद को लेकर विवादित बयान दिया। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि धर्मांतरण की बजाय घर वापसी की बात की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि लव जिहाद की चर्चा छोड़कर, अब दूसरे धर्मों की लड़कियों को अपने धर्म में लाने की जरूरत है।
“घर वापसी को अपनाने की जरूरत”
अपने भाषण में सुलिबेले ने कहा, “लव जिहाद पर चर्चा के बजाय अब हमें दूसरे धर्मों की लड़कियों को अपने धर्म में लाने पर ध्यान देना चाहिए। धर्मांतरण की बात छोड़कर, हमें आक्रामक रूप से घर वापसी को बढ़ावा देना होगा। इसके लिए युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए।”
“अब बदलाव का समय है”
उन्होंने आगे कहा, “हम कब तक यह कहते रहेंगे कि धर्मांतरण हो रहा है? अब बदलाव का समय आ गया है। अब हमें केवल चर्चा नहीं करनी, बल्कि घर वापसी को बढ़ावा देना होगा। मुझे या अन्य नेताओं को फोन करने की जरूरत नहीं है, आप खुद आगे बढ़ें और इसे अंजाम दें। युवाओं को इसके लिए प्रशिक्षित करने की जरूरत है।”
“युवाओं को घर वापसी की रील बनानी चाहिए”
सुलिबेले ने यह भी कहा, “करने के लिए ज्यादा कुछ नहीं है, बस ऐसे व्यक्ति को मंदिर ले जाइए, हाथ जोड़कर उससे कहलवाइए कि मुझसे गलती हो गई। हमारे युवा तरह-तरह की रील बनाते हैं, अब उन्हें घर वापसी की रील भी बनानी चाहिए।”
“अब दूसरे धर्मों की ओर भी देखना शुरू करें”
अपने संबोधन में उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा, “अगर अपने धर्म में लड़की नहीं मिल रही है, तो इसका रोना कब तक रोते रहोगे? अब दूसरे धर्मों की ओर भी देखना शुरू करो।”
चक्रवर्ती सुलिबेले के इस बयान को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, जिससे सियासी और सामाजिक हलकों में बहस तेज हो गई है।

